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राज्यसभा सांसद महेश पोद्दार ने रघुवर सरकार को घेरा, ट्वीट कर कहा, सस्ती बिजली छोड़ ले रहे महंगी बिजली

पतरातू पावर प्लांट निर्माण की गति धीमी, दूरगामी नतीजों को ध्यान में रखें

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Ranchi: राज्यसभा सांसद महेश पोद्दार ने बिजली की समस्या को लेकर रघुवर सरकार को एक बार फिर से घेरा है. उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि राज्य गठन के बाद से अब तक एक मेगावाट भी बिजली का उत्पादन नहीं बढ़ा है. पतरातू पावर प्लांट के निर्माण की गति काफी धीमी है. सस्ती बिजली उपलब्ध होने के बावजूद खरीदारी में सुस्ती दिखाई जा रही है. कंपनियों का बकाया भी एक बड़ी समस्या है. बिजली के मामले में हमें जल्द सोचना होगा और दूरगामी नतीजों को ध्यान में रखना होगा.

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बिजली खरीद में 40 करोड़ की वृद्धि, हर माह खरीदी जा रही 400 करोड़ की बिजली

प्रदेश की बिजली व्यवस्था निजी और सेंट्रल सेक्टर पर टिकी हुई है. निजी और सेंट्रल सेक्टर से हर दिन औसतन 660 मेगावाट बिजली ली जाती है. पिछले दो साल में बिजली खरीद में 40 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है. दो साल पहले हर महीना करीब 360 करोड़ रुपये की बिजली खरीदी जाती थी. अब हर माह लगभग 400 करोड़ रुपये की बिजली खरीदी जा रही है.

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कर्ज में डूबा वितरण निगम, उधार में ली 6,450 करोड़ की बिजली

बिजली वितरण निगम पूरी तरह से कर्ज में डूब गया है. अब तक बिजली वितरण निगम का कर्ज बढ़ कर 6,450 करोड़ हो गया है. इसमें टीवीएनएल का बकाया 3,100 करोड़ है. और डीवीसी का बकाया 3,700 करोड़ था, जिसमें डीवीसी को सिर्फ 350 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है. वहीं वितरण निगम हर माह लगभग 400 करोड़ की बिजली खरीदता है, जबकि राजस्व वसूली सिर्फ 230 से 235 करोड़ की है. इस हिसाब से भी वितरण निगम को हर माह 165 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है.

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ट्रांसमिशन लाइन में भी पेंच

ट्रांसमिशन लाइन नहीं होने के कारण टीवीएनल की बिजली पहले बिहार शरीफ ग्रिड में जाती है. फिर ग्लोबल एकाउंटिंग के जरिये झारखंड में वापस आती है. इसकी मुख्य वजह ट्रांसमिशन लाइन का नहीं होना है. ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण पूरा नहीं होने के कारण पीजीसीआइएल की ही लाइन से एनटीपीसी, पीटीसी और एनएचपीसी से बिजली ली जा रही है. दूसरी कंपनी के ट्रांसमिशनलाइन से बिजली लेने के एवज में हर माह सात करोड़ रुपये का भी भुगतान किया जा रहा है.

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किस कंपनी से कितने करोड़ की बिजली प्रतिमाह

  • एनटीपीसी- 70 करोड़
  • एनएचपीसी- 70 करोड़
  • टीवीएनएल- 70 करोड़
  • आधुनिक- 20 करोड़
  • इंलैंड पावर- 13 करोड़
  • शेष बिजली पावर ट्रेडिंग कॉरपोरेशन से ली जाती है

किस कंपनी से किस दर में ली जाती है बिजली

  • फरक्का- 3.99 रुपये प्रति यूनिट
  • कहलगांव वन: 3.93 रुपये प्रति यूनिट
  • कहलगांव टू- 4.00 रुपये प्रति यूनिट
  • बाढ़- 6.41 रुपये प्रति यूनिट
  • फरक्का थ्री- 4.82 रुपये प्रति यूनिट
  • रंजीत- 3.19 रुपये प्रति यूनिट(पन बिजली)
  • तिस्ता-2.68 रुपये प्रति यूनिट(पन बिजली)
  • डीवीसी- 4.93 रुपये प्रति यूनिट
  • पश्चिम बंगाल बोर्ड- 8.33 रुपये प्रति यूनिट
  • आधुनिक- 3.90 रुपये प्रति यूनिट
  • इंलैंड पावर- 4.36 रुपये प्रति यूनिट

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