न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें
Browsing Category

LITERATURE

पुलवामा के शहीद की विधवा

Firoz  Aliपुलवामा हमले की अब मैं बात क्या करूं,जख्मी हैं लब के जिकर-ए-वारदात क्या करूं.कभी बेगम, कभी पत्नी, कभी अर्धांगनी थी मैं,था फौजू सुहाग मेरा और सांगनी थी मैं.साजन बगैर आई है बारात क्या करूंमुझ से बिछड़ने की उन्हें…

गुजरा जमाना

फिरोज अलीकैसे भूला दूं मै वह बचपन की बातेंवह छोटी कहानी और लंबी सी रातें.वह दादी का बिस्तर और फुफी की खटियावह अम्मी और चच्ची की प्यारी सी बतियां.है मुमकिन कहां इतनी जल्दी भूलानाथा कितना हसीं वह…

सुनीता को भी लगा कि आखिर उसके हुनर को कोई पहचान मिल जायेगी

 सरकार ने जब यह घोषणा की कि सभी सरकारी भवनों की दीवारों पर सोहराई पेंटिंग कराई जायेगी तो सोहराई पेंटिंग करने वालों के मानो भाग्य जाग गए. सुनीता को भी लगा कि आखिर उसके हुनर को कोई पहचान मिल जायेगी.सुनीता को सोहराई पेंटिंग से बहुत…

कहानी- दूसरी काली

Shyamal Bihari Mahtoगाय का दाम कल शाम को ही तय हो चुका था. सुबह जुमन मियां उसे लेने मेरे घर आ भी चुका था. दाम दूध -दूधारू और देह  देख कर तय हुआ था. जुमन मियां बूढे-बांझ और ’’ ऐब ’’वाले मवेशियों को बेचने का धंधा पिछले कई सालों से करता…

किसान की उम्र 

मुझे लगाउसकी उम्र होगी साठ पैंसठ बरस। निस्तेज चेहरा, सूखे हाथ पाँव धँसी हुई आँखें , पुराने घिसे कपड़े। क्या नाम है? कंपाउंडर ने पूछा।  जलेसर महतो।  उमर? पैंतालीस बरस । पैंतालीस ! मैं चौंका  । डॉक्टर के यहाँ आकर यह झूठ…

स्त्री और सूरज

सूरज के रथ कोनहीं खींचते हैं घोड़ेसूरज घूमता हैभूख की धूरी  परऔर उसके रथ में जुती रहती है स्त्री. स्त्री अपनी छाती का दूध पिलाकरसूरज को बख्शती है रौशनीऔर अपने प्रेम से भरती हैउसमें उष्णता. स्त्री जब उसे छुपा लेती हैअपनी…

सूरज की प्रेमिका 

शाम घूंघट डाल करनिकलती हैकमरे से आँगन में। फिर दोनों हाथ बढ़ाकरमूँद देती हैआसमान की आँखेंऔर कर लेती है आलिंगन सूरज का।    फिर चूमती है उसके होठों को ..सूरज लज्जाशील है। शर्म से लाल हो उठता है।तब शाम खींच देती हैचारो…

भारतीय समाज में महिलाओं की कठिनाइयों से रू-ब-रू कराता है ‘IMPERFECT MARRIAGES’

'IMPERFECT MARRIAGES'. यह नाम है उस नॉवेल का, जिसमें कुछ वैसी तकलीफों, दिक्कतों, परेशानियों का प्रभावशाली रूप में चित्रण किया गया है, जिनका भारतीय समाज में महिलाओं को सामना करना पड़ता है. यह कहानी एक बुजुर्ग जोड़े की. इसी जोड़े के परिवार और…

कैसे कह दिया कि यह जंगल तुम्हारा है?

Reena Goteमेरे याया बुबा ने कहा कि यह जंगल हमारा है, उनके याया बुबा ने कहा था कि यह जंगल हमारा है, उनके भी याया बुबा ने कहा था कि यह जंगल हमारा है, हमने भी मान लिया कि यह जंगल हमारा है,सरकार कहती है कि यह  जंगल हमारा है. चलो मान भी लिया…

एक मशीन बनाने की सोच रहा हूं, जो ‘काले’ रंग की पहचान कर ‘टीं-टीं’ करे…

Subhash Shekharएक ऐसी मशीन हो जो काला रंग को आस-पास पाते ही बीप-बीप की आवाज करे. यह मशीन आज के समय में बन जाये तो सुरक्षा के लिहाज से बहुत काबयाब हो सकती है. काला रंग से बड़े-बड़े मंत्री और नेताओं को गोलियों और बमों से भी ज्यादा खतरा…