न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

स्टिंग अॉपरेशन व ब्लैक मेलिंग मामले में फंसे उमेश शर्मा को 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेजा गया

70

Ranchi: स्टिंग अॉपरेशन और ब्लैक मेलिंग मामले में फंसे देहरादून के एक निजी चैनल के मालिक उमेश शर्मा को आज न्यायिक दंडाधिकारी अजय कुमार गुड़िया की अदालत में पेश किया गया. उनके खिलाफ राजद्रोह के एक मामले में कोर्ट से प्रोडक्शन वारंट जारी था. जिसके बाद उमेश शर्मा को न्यायिक हिरासत में 14 दिनों के लिए जेल भेज दिया गया.

इसे भी पढ़ें – पारा शिक्षक आंदोलन के नाम पर कर रहे हैं गुंडागर्दी : रघुवर दास

 18 नवंबर को देहरादून से रांची लाया गया था उमेश शर्मा को

स्टिंग आपरेशन और ब्लैक मेलिंग मामले में फंसे और राजद्रोह के आरोपी देहरादून के एक निजी चैनल के मालिक उमेश शर्मा को 18 नवंबर को देहरादून की पुलिस देहरादून के सुद्धोवाला जेल से रांची लेकर आयी थी. उमेश शर्मा के ऊपर रांची अरगोड़ा थाना में राजद्रोह का मामला दर्ज था. आइएएस स्टिंग ऑपरेशन केस में फंसे टीवी चैनल के सीइओ उमेश शर्मा को देहरादून पुलिस रांची लेकर आयी है. उमेश शर्मा को शुक्रवार की रात 11 बजे सुद्धोवाला जेल से देहरादून पुलिस को सौंपा गया था. जहां से पुलिस उमेश को लेकर 11:30 बजे नंदादेवी एक्सप्रेस से रवाना हुई. उमेश के साथ पुलिस लाइन देहरादून से 2 दारोगा और चार सिपाहियों को भेजा गया था.

इसे भी पढ़ें – सीबीआइ अधिकारी मनीष सिन्हा ने सुप्रीम कोर्ट में कहा, एक मंत्री ने भी ली ‘कुछ करोड़’ की रिश्वत

क्या है मामला

बता दें कि उमेश कुमार शर्मा के खिलाफ झारखंड की राजधानी रांची के अरगोड़ा थाने में राजद्रोह के आरोप में धारा 386, 388 व 120 बी के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था. रांची की सब डिविजनल ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की कोर्ट से बी वारंट 10 नवंबर को जारी किया गया था. यह वारंट सुद्धोवाला जेल में 13 नवंबर को दाखिल किया था. शुक्रवार को उमेश की जमानत तो मंजूर हो गई, लेकिन इसी वारंट के चलते उसे रिहा नहीं किया गया था. रांची के अरगोड़ा थाने में वहां के किसान मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष अमृतेश सिंह की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था.

इसे भी पढ़ें – सीबीआई विवाद : आलोक वर्मा को SC ने तीन घंटे का समय दिया, चेताया, हर हाल में कल सुनवाई

व्हाट्सएप से कॉल कर उत्तराखंड सरकार के खिलाफ मांगा था साक्ष्य

किसान मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष अमृतेश सिंह का आरोप है कि उमेश कुमार शर्मा ने उन्हें व्हाट्सएप से कॉल कर उत्तराखंड सरकार के खिलाफ ऐसे साक्ष्य मांगे थे, जिससे वहां की सरकार अस्थिर हो जाए. इसके बाद उसने कई मैसेज भी भेजे, लेकिन अमृतेश ने ऐसी कोई जानकारी होने से इंकार कर दिया. आरोप है उसके बाद उमेश ने उन्हें धमकी दी कि वह उसे ईडी की जांच में फंसा देगा. इसके अलावा उन्हें जान से मारने की भी धमकी दी. अमृतेश सिंह के मोबाइल का स्क्रीनशॉट और अन्य साक्ष्य लिए गए हैं. उन्होंने बताया कि वे देहरादून पुलिस के संपर्क में भी हैं, जल्द इस मुकदमे में आगे की कार्रवाई की जाएगी.

इसे भी पढ़ें – झारखंड में जारी है भूख से मौत का सिलसिला- भोजन का अधिकार अभियान

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

%d bloggers like this: