
Ranchi: हजारीबाग पुलिस ने मानव तस्करी के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है. हजारीबाग जिला के टाटीझरिया थाना क्षेत्र के भराजो गांव निवासी सोनू कुमार ने 30 जुलाई को एक शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें यह बताया गया कि गांव के ही निवासी उदय कुमार कुशवाहा (जो पिछले 45 वर्षों से अमेरिका में रहकर व्यवसाय कर रहे हैं) ने उन्हें अमेरिका में नौकरी दिलाने का झांसा देकर, फर्जी दस्तावेजों और मानव तस्करी के डंकी रूट के माध्यम से वर्ष 2024 में ब्राजील के लिए रवाना किया. उदय कुमार ने बिकाश कुमार (दर्शन प्रसाद का पुत्र) और पिंटू कुमार दारू थाना के जरगा निवासी को भी अलग-अलग दिन दिल्ली से ब्राजील भेजा. ब्राजील पहुंचने पर इन तीनों को अंतरराष्ट्रीय डंकी माफिया के हवाले कर दिया गया, जिन्होंने उन्हें छिपाकर रोड और नदी मार्ग से Bolivia, Peru, Ecuador, Colombia, Panama, Costa Rica, Honduras, Guatemala होते हुए अमेरिका पहुंचाने की कोशिश की.
इस दौरान उदय कुमार ने वादी के गरीब पिता को अमेरिका से कॉल कर और पैसे की मांग की. विवश होकर वादी के पिता ने अपनी पैतृक जमीन बेचकर लगभग ₹45 लाख की राशि उदय कुमार के रिश्तेदारों को अलग-अलग माध्यम से दी. वादी को Mexico City होते हुए San Diego भेजा गया, लेकिन अमेरिकी बॉर्डर पर उसे पकड़कर डिटेंशन सेंटर में डाल दिया गया, जहां वह लगभग चार महीने तक रहा. मार्च 2025 में उसे भारत डिपोर्ट कर दिया गया. घर लौटने के बाद जब वादी ने अपनी रकम की मांग की, तो उदय कुमार और उनके भाई चोहान प्रसाद द्वारा गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी दी गई. डर के कारण वादी ने थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई.
पुलिस अधीक्षक , हजारीबाग के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बिश्रुगढ़ के नेतृत्व में विशेष छापामारी दल का गठन किया गया. अनुसंधान एवं छापेमारी के क्रम में निम्न पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तार व्यक्ति का नाम उदय कुमार कुशवाहा, दर्शन प्रसाद, लालमोहन प्रसाद, चोहान प्रसाद और शंकर प्रसाद है.



