न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

सीबीआइ अधिकारी मनीष सिन्हा ने सुप्रीम कोर्ट में कहा, एक मंत्री ने भी ली ‘कुछ करोड़’ की रिश्वत, डोभाल का भी नाम जुड़ा

आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना को छुट्टी पर भेजे जाने के बाद मनीष सिन्हा का किया गया था तबादला

198

New Delhi: सीबीआइ के दो शीर्ष अधिकारियों आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना को जबरन छुट्टी पर भेजे जाने के बाद स्थानांतरित किये गये सीबीआइ अधिकारी मनीष कुमार सिन्हा ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि एक केंद्रीय मंत्री ने कुछ करोड़ रुपये रिश्वत लेकर एजेंसी के रडार पर आये व्यापारी के मामले में दखल दिया था. मनीष कुमार सिन्हा वह अफसर हैं जो राकेश अस्थाना के द्वारा घूस लिये जाने के मामले की जांच टीम का नेतृत्व कर रहे थे. आइपीएस मनीष कुमार सिन्हा के हलफनामे में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार का भी नाम लिया गया है. कहा गया है कि सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के तार भी इस मामले से जुड़े हुए हैं.

इसे भी पढ़ें – सीबीआई विवाद : आलोक वर्मा को SC ने तीन घंटे का समय दिया, चेताया, हर हाल में कल सुनवाई

ऐसे दस्तावेज हैं जिनसे कोर्ट हिल जायेगा

मनीष सिन्हा ने सुप्रीम कोर्ट में अपने नागपुर स्थानांतरण के खिलाफ अपील दायर की है. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से अपनी अपील में कहा है कि उनके पास कुछ ऐसे दस्तावेज हैं जिनसे कोर्ट हिल जायेगा. उन्होंने कहा कि उनका स्थानांतरण इसलिए किया गया है ताकि जांच की दिशा बदली जा सके और राकेश अस्थाना की मदद की जा सके. मनीष सिन्हा के मामले की जल्द सुनवाई की अपील पर चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि कोई भी चीज हमें हिला नहीं सकती है.

इसे भी पढ़ें – झारखंड में जारी है भूख से मौत का सिलसिला- भोजन का अधिकार अभियान

राकेश अस्थाना के मामले की जांच की थी मनीष सिन्हा ने

मनीष सिन्हा ने राकेश अस्थाना पर लगे रिश्वत के आरोपों की जांच की थी। अस्थाना पर आरोप लगा था कि उन्होंने हैदराबाद के एक व्यापारी सतीश साना से रिश्वत ली है. मनी लांड्रिंग के आरोपों से घिरे मांस व्यवसायी मोइन कुरैशी के साथ साना कई मामलों में सह आरोपी हैं. ये अधिकारी और भी कई अन्य महत्वपूर्ण मामलों में जांच अधिकारी रहे हैं. इनमें नीरव मोदी और मेहुल चोकसी का भी मामला शामिल है.

इसे भी पढ़ें – …तो वरवरा राव को उम्रकैद या फांसी तक की सजा मिल सकती है

जल्द सुनवाई हो

मनीष सिन्हा ने कहा है कि अक्टूबर के पहले हफ्ते में किया गया उनका तबादला मनमाना और पूर्वाग्रह से प्रेरित है साथ ही कहा है कि उन्हें ताकतवर लोगों के खिलाफ जांच कर सबूत जमा करने के बदले प्रताड़ित किया जा रहा है. सर्वोच्च न्यायालय को उन्होंने कहा है कि उनकी याचिका पर मंगलवार को सीबीआइ के पूर्व निदेशक आलोक वर्मा की याचिका के साथ ही सुनवाई की जानी चाहिए.

इसे भी पढ़ें – पिता की कंपनी “जोहार” जब विवादों में आयी तो किया किनारा, अब उसे ही अपनी उपलब्धि बता रहे हैं मंत्री जयंत सिन्हा

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Comments are closed.

%d bloggers like this: