
New Delhi: देश भर में जारी लॉकडाउन के बीच मजदूरों और छात्रों के लिए राहत देनेवाली खबर आयी है. केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने देश में अलग-अलग जगह फंसे प्रवासी मजदूरों, पर्यटकों, छात्रों और श्रद्धालुओं को आने-जाने की अनुमति दे दी है. लेकिन राज्यों को प्रोटोकॉल का पालन करते हुए एक-दूसरे से संपर्क कर आवाजाही सुनिश्चित करनी होगी.
देश भर में मजदूरों के फंसे होने के कारण उनका जीवन नारकीय हो गया था. कई राज्यों ने अपने प्रदेश के छात्रों को लाने की व्यवस्था की और कई राज्य केंद्र के निर्देश का इंतजार कर रहे थे. गृह मंत्रालय द्वारा बुधवार को प्रवासी मजदूरों, छात्रों और पर्यटकों की आवाजाही को मंजूरी प्रदान करने के साथ ही राज्यों की यह जिम्मेदारी हो गयी है कि उन्हें किस प्रकार वापस लाया जाये, जिससे कोरोना का संक्रमण भी न फैले और वे सुरक्षित अपने-अपने घर वापस आ जायें.
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कुछ प्रोटोकॉल का करना होगा पालन
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने छूट देने के साथ ही कहा है कि इसके लिए कुछ प्रोटोकॉल का पालन करना होगा. यदि किसी राज्य से प्रवासी मजदूर छात्र दूसरे राज्य में जाना चाहते हैं, तो दोनों राज्य आपस में समन्वय बना कर कार्य करेंगे जिससे सड़क मार्ग से उनका अवागमन सुनिश्चत हो सके.
जो भी व्यक्ति जाना चाहता हो उसकी स्क्रीनिंग की जायेगी, यदि उनमें कोरोना वायरस से लक्षण नहीं पाये गये तभी उन्हें जाने की इजाजत मिलेगी.
लोगों के समूह के आवागमन के लिए जिन बसों का इस्तेमाल किया जायेगा उन्हें सैनिटाइज किया जायेगा और बसों के अंदर बैठने के दौरान डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा.
जिस राज्य के लोग अपने राज्य वापस लौटेंगे उनकी वहां के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के द्वारा चेकिंग की जायेगी. यदि जरूरत महसूस हुई तो उन्हें क्वारंटाइन किया जायेगा. जरूरत नहीं महसूस होने पर उन्हें होम क्वारंटाइन के लिए कहा जायेगा. उन लोगों को आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करने के लिए प्रोत्साहित किया जायेगा जिससे उनके मूवमेंट के बारे में जानकारी मिल सके.
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