
Shyam Meera Singh
आपकी अधिक फिल्में नहीं देखीं. सो रहा था कि आपके जाने की खबर सुनी, अचरज नहीं हुआ. आपके कैंसर का ख्याल मुझे था, जिसका भान आपको भी था. जिसके पता चलने पर आपने ही तो लिखा था न एक बार- “अभी तक अपने सफ़र में मैं तेज़-मंद गति से चलता चला जा रहा था. मेरे साथ मेरी योजनाए, आकांक्षाएं, सपने और मंजिलें थीं. मैं इनमें लीन बढ़ा जा रहा था कि अचानक टीसी ने पीठ पर टैप किया, “आप का स्टेशन आ रहा है, प्लीज उतर जायें.’
मेरी समझ में नहीं आया, “ना-ना मेरा स्टेशन अभी नहीं आया है.’
जवाब मिला, ‘अगले किसी भी स्टॉप पर आपको उतरना होगा, आपका गन्तव्य आ गया.
इसे भी पढ़ें – #Corona : जामताड़ा में एक और कोरोना पॉजिटिव, राज्य में संक्रमितों की संख्या 106 हुई
अचानक एहसास होता है कि आप किसी ढक्कन (कॉर्क) की तरह अनजान सागर में, अप्रत्याशित लहरों पर बह रहे हैं… लहरों को क़ाबू कर लेने की ग़लतफ़हमी लिये.”
मुझे मालूम था ऐसी कोई लहर आनेवाली है, जो अंतिम होगी. उसके बाद से समुंदर सुस्तायेगा. कुछ महीनों आराम करेगा, लाने-ले जाने के लिए इस पार, उसके लिए कुछ अधिक नहीं होगा. दुनिया जान रही है, भारत का एक सुंदर तारा टूट गया है. कोई अनुभव आपका नहीं हैं मुझे. सबको फिल्मों का है, मुझ पर वह भी नहीं. लेकिन लग रहा है अचानक से दुख की कोई नस दब गयी हो. मालूम है कि मोटी-मोटी आंखों वाला मेरा अभिनेता अब नजर नहीं आयेगा.
इसे भी पढ़ें – लालू प्रसाद का इलाज कर रहे डॉक्टर उमेश को कोरोना नहीं, खतरा टला
आपने सच ही कहा था हम सब एक बड़ी सी रेलगाड़ी में चले जा रहे हैं, जिसका कोई पता नहीं, जिसकी कोई ठो नहीं, धीरे-धीरे उसके हर यात्री को उतरने के लिए कहा जायेगा, आज आपसे कल मुझसे… जाना जब सबको है, फिर जल्दी उतर जानेवाले यात्रियों से शिकायत कैसी? ये ऐसी यात्रा है जिसके अंत में दुख-सुख बोने ही हैं. आप जा रहे हैं, हम यहीं हैं, कुछ और होंगे जो अगले महीनों, सालों में इस गाड़ी से उतर जायेंगे.
जहां भी जा रहे हो, ख्याल रखना, अपने जैसा संसार बनाना, ऊपर कोई संसार तो होता ही होगा न मरनेवालों के लिए… अपनी पृथ्वी गढ़ना, अपना सूरज बुनना..
अलविदा हीरो!
इसे भी पढ़ें – बॉलीवुड एक्टर इरफान खान का निधन, मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में ली अंतिम सांस



