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चास के निजी अस्पताल में दिल्ली से पहुंची कोरोना संक्रमित महिला के संपर्क में आये 180 लोगों की कांटैक्ट ट्रेसिंग

♦वृद्ध महिला सहित उसके दो बेटों की भी हो चुकी है मौत

Bokaro : दिल्ली से धनबाद के कतरास आयी 89 वर्षीय वृद्ध महिला और उसके तीन बेटों की मौत कोरोना से हो गयी. बोकारो के चास स्थित जिस निजी अस्पताल में वह इलाज के लिए भर्ती थीं, उसके 12 चिकित्साकर्मी कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं. उन 12 लोगों के संपर्क में 180 सगे-संबंधी कांटैक्ट ट्रेसिंग की जद में हैं. प्रशासन एक अभियान के तहत इस संक्रमण के चेन को तोड़ने के लिए सिर्फ चास में 1000 लोगों की सैंपलिंग कर रहा है.

अस्पताल के स्टाफ के निवास स्थान को किया गया कंटेनमेंट जोन घोषित

चास और बोकारो में जहां-जहां इस निजी अस्पताल के पॉजिटिव पाये गये स्टाफ और डॉक्टर्स रहते हैं, उन जगहों को कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है. जिला प्रशासन प्राइवेट हॉस्पिटल से कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने की हर संभव कोशिश कर रहा है. स्वास्थ्य विभाग की टीम रात-रात भर जाग कर कांटेक्ट ट्रेसिंग में आये लोगों को खोजने और सैंपलिंग का काम कर रही है. चास के उक्त प्राइवेट हॉस्पिटल से फैले संक्रमण से शहर की स्थिति चिंताजनक हो गयी है.

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गोमिया के बाद चास बना जिले का दूसरा हॉटस्पॉट

चास अब जिले का गोमिया के बाद दूसरा हॉटस्पॉट बन चुका है. हालांकि गोमिया में अब कोरोना मरीजों की संख्या घट चुकी है. डॉक्टर्स भी प्राइवेट हॉस्पिटल के चेन से जुड़े संक्रमित व्यक्तियों के स्वस्थ पर कड़ी नजर रखे हुए हैं. उक्त वृद्ध महिला से संक्रमित तीन लोगों की जान जा चुकी है और एक दर्जन लोग संक्रिमित हो चुके हैं. जो यह दर्शाता है कि वायरस काफी शक्तिशाली है. सभी संक्रमित लोगों को बोकारो जनरल हॉस्पिटल के कोविड वार्ड में रखा गया है.

अभी तक बोकारो के करीब 80 लोग हो चुके हैं संक्रमित, 41 हुए ठीक

अभी तक बोकारो में करीब 80 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हुए हैं. जिनमें तीन व्यक्तियों की मौत हो चुकी है. 38 एक्टिव केसेस हैं. जिनका इलाज बीजीएच में चल रहा है. 41 लोग ठीक होकर घर जा चुके हैं, जिनमें 4 साल की बच्ची से लेकर 70 वर्ष के बुजुर्ग भी हैं. बीजीएच में जिन तीन व्यक्तियों की कोरोना से मौत हुई थी वे सभी दूसरे रोगों से ग्रसित थे और उम्रदराज थे. हलांकि डॉक्टर्स के अनुसार सभी कोरोना पॉजिटिव इलाजरत मरीजों की स्थिति स्टेबल है.

डीसी लगातार कर रहे सावधानी बरतने की अपील

बोकारो की बदलती परिस्थति को देखते हुए उपायुक्त मुकेश कुमार लगातार लोगों को सावधानी बरतने की अपील कर रहे हैं. उपायुक्त ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जिले में पॉजिटिव केस का आना बेहद चिंता की बात है और इससे सभी को सतर्क रहने की आवश्यकता है. जिसमें अधिकांश मामले बोकारो शहरी क्षेत्रों से हैं इसलिए और भी सुरक्षा और सतर्कता जरूरी है.

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बोकारो में फिलहाल 38 एक्टिव केस

उपायुक्त ने बताया कि वर्तमान में बोकारो जिले में कुल 38 सक्रिय मामले हैं. उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में कोरोना प्रवेश कर चुका है इसलिए जिलेवासियों से अपील की है कि कवच का हमेशा ध्यान रखें, जिसके तहत सभी लोग मास्क अनिवार्य रूप से लगायें, सामाजिक दूरी का पालन करें तथा अपने-अपने हाथों को नियमित अंतराल पर साबुन से धोते रहें. सबसे बेहतर तरीका है आप सभी अपने-अपने घरों में ही सुरक्षित रहें.

आइये बताते हैं कैसे दिल्ली से धनबाद होते हुए बोकारो पहुंचा कोरोना 

89 वर्षीय महिला की मृत्यु के तीन दिन बाद रिपोर्ट आयी, जिसमें उनके कोरोना पॉजिटिव होने की बात पता चली. इसके बाद धनबाद और बोकारो के स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने कांटेक्ट ट्रेसिंग और स्क्रीनिंग शुरू की. बोकारो के उक्त निजी अस्पताल जहां पर इलाज के दौरान महिला की मौत हुई थी. उसे बंद कर सैनिटाइज किया गया. स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल में भर्ती मरीजों को सदर हॉस्पिटल शिफ्ट किया और उक्त महिला के प्राइमरी कांटेक्ट में आये 29 नर्स, डॉक्टर्स और दूसरे स्टाफ को चिन्हित कर क्वारंटाइन में भेज दिया. उन सभी की जांच रिपोर्ट में 12 लोगों के पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई.

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शादी समारोह में धनबाद आयी थी दिल्ली की वृद्ध महिला

बोकारो के सिविल सर्जन डॉक्टर एके पाठक के अनुसार महिला दिल्ली की मूल निवासी थी और 24 जून को धनबाद के कतरास में एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए एक ट्रेन में दो व्यक्तियों के साथ आयी थी. समारोह से एक दिन पहले, उसे बुखार और सांस लेने में तकलीफ हुई. हालांकि, समारोह के बाद परिवार के सदस्यों ने उन्हें 29 जून को चास के प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया.

डॉक्टरों ने लक्षणों का आकलन किया और कोविड -19 परीक्षण के लिए उनके स्वाब के नमूने को एकत्र कर 2 जुलाई को भेजा गया. लेकिन रिपोर्ट आने से पहले ही उनकी 2 जुलाई को मृत्यु हो गयी. उनके संक्रमित होने से अनजान, परिवार के सदस्यों ने उसका अंतिम संस्कार तेलमोचू पुल पर दामोदर नदी के तट पर किया. मौत के तीन दिन बाद 4 जुलाई को उनकी रिपोर्ट निजी लैब से आयी. जिसमें उनके कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई.

धनबाद में भी मृतकों के परिजनों की कटरा में जांच की गयी. उक्त समारोह में शामिल हुए परिवार के 50 से अधिक लोगों को चिह्नित किया गया है. जिसमें उनके तीन बेटे पॉजिटिव मिले. अभी तक उक्त महिला के तीनों बेटों की मौत हो चुकी है.

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