
Ranchi : कोरोना का नया वैरिएंट देश में मिल चुका है. एक के बाद एक बीएफ-7 के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है. इसी कड़ी में मंगलवार को राजधानी समेत राज्यभर में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया. सदर हॉस्पिटल में ड्रिल के दौरान स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता उपस्थित रहे. उन्होंने कहा कि 19356 बेड राज्य में तैयार हैं. लोगों को डरने की जरूरत नहीं हैं. हम हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं. हमारे पास सभी संसाधन मौजूद हैं और इसके बल पर हर लड़ाई लड़ेंगे.
डट कर करेंगे मुकाबला
उन्होंने कहा कि हम कोरोना से लड़ाई के लिए अभ्यस्त हो चुके हैं. अब आगे कोरोना से हम डट कर मुकाबला करेंगे. हमारी तैयारी पूरी है. हम लोगों ने वैक्सीन की मांग सरकार से की है. मानवहित में केंद्र और राज्य सरकार मिल कर काम करेंगी. वैक्सीनेशन में पिछड़ने की कोई बात नहीं है. केस कम हुए तो लोगों ने थोड़ी लापरवाही बरती. अब इस विश्वव्यापी समस्या से निपटने के लिए सभी को साथ आना होगा. स्वास्थ्य विभाग ज्यादा से ज्यादा वैक्सीनेशन करायेगा.
ये है तैयारी
- 1456 वेंटीलेटर बेड
- 1435 आइइसीयू बेड
- 11356 ऑक्सीजन युक्त बेड
- 122 पीएसए प्लांट
- 27 आरटीपीसीआर लैब की तैयारी
- 8 आरटीपीसीआर लैब में टेस्ट जारी
- 12 को चालू करने की अनुमति का इंतजार
- 300 ट्रूनैट मशीन से हो रही जांच
- जीनोम सीक्वेंसिंग मशीन से जांच
- 2 कोबास मशीन
रिम्स में अधिकारियों ने देखी तैयारी, सदर में एक्टिव रहे स्टाफ
देशभर में कई राज्यों में एक साथ 27 दिसंबर को कोरोना को लेकर मॉकड्रिल हुआ. इस दौरान राज्य के सबसे बड़े हॉस्पिटल रिम्स और रांची के दूसरे बड़े सरकारी हॉस्पिटल सदर में अधिकारियों ने व्यवस्था का जायजा लिया. दोनों ही हॉस्पिटल में कोरोना से निपटने की पूरी तैयारी रखी गयी है. रिम्स में जहां 330 बेड मरीजों के लिए रिजर्व रखे गये हैं. वहीं सदर में भी टीम अलर्ट मोड में है. जिससे किसी भी स्थिति में कोरोना से निपटा जा सके.
रिम्स में 330 बेड, 800 जंबो सिलेंडर
रिम्स हॉस्पिटल में मरीजों के लिए ऑक्सीजन के 800 जंबो सिलेंडर तैयार रखे गये हैं. 330 बेड के साथ सभी तैयारियां हैं. अधिकारियों ने कहा कि कुछ कमियां हैं जिन्हें तत्काल दुरुस्त करने को कहा गया है. जिससे इमरजेंसी में मरीजों को परेशानी न हो. साथ ही यह भी कहा गया कि मैनपावर की कमी को दूर किया जा रहा है. दवा का स्टॉक भी फिलहाल अवेलेवल है. अगर मरीजों की संख्या बढ़ती है तो तत्काल इसका ऑर्डर कर दिया जायेगा.
पीपीई किट में तैनात थे डॉक्टर
सदर में भी कोरोना मरीजों के आने का मॉकड्रिल किया गया. जैसे ही एंबुलेंस इमरजेंसी में पहुंची तो पीपीई किट में तैनात हेल्थ वर्कर्स ने मरीज को अटेंड किया. डॉक्टरों ने तत्काल मरीज का बीपी, ऑक्सीजन लेवल और पल्स चेक करने के बाद दवाएं लिखीं. इसके बाद ऑक्सीजन सपोर्टेड मास्क लगाते हुए मरीज का इलाज शुरू कर दिया गया.
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