
Pravin Kumar
Ranchi: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन कह चुके हैं कि मनरेगा रोजगार सृजन में एक मील का पत्थर है. योजना सही तरीके से संचालित होती है तो ग्रामीण इलाकों में किसी भी तरह से रोजगार की कमी नहीं हो पायेगी. सीएम के कहने के बाद राज्य में प्रवासी मजदूरों को मनरेगा योजना से जोड़ने की पहल विभाग ने की.
प्रवासी मजदूरों को रोजगार से जोड़ने के लिये राज्य सरकार ने नीलाम्बर-पीताम्बर जल समृद्धि योजना, बिरसा हरित ग्राम योजना, वीर शहीद पोटो खेल विकास योजना शुरू की है. कोरोना संकट के बाद घर वापस लौट रहे प्रवासी मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराना सरकार की प्रथामिकता है.
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लेकिन मनरेगा योजना में काम करने के लिये मजदूरों का जॉब कार्ड जारी नहीं हो पा रहा है. दुमका, साहेबगंज, गोड्डा और गिरिडीह जिलो में 30 हजार से अधिक मजदूरों का पंजीयन कर जॉब कार्ड जारी नहीं किया गया है. वहीं सूबे में अभी 5 लाख 12 हजार 868 पंजीकृत लोगों का जॉब कार्ड जारी नहीं किया गया है. प्राप्त सूचना के अनुसार, जिनका जॉब कार्ड नहीं जारी किया गया है उनमें अधिकांश प्रवासी मजदूर हैं.
काम नहीं मिलने के कारण राज्य में बन रही पलायन की स्थिति
मनरेगा के तहत काम करने वाले परिवार का पहले जॉब कार्ड बनाया जाता है. इसके बाद परिवार के सदस्यों को काम उपल्बध कराया जाता है. लेकिन सूबे में मनरेगा योजना के तहत बनाने वाले जाबॅ कार्ड नहीं जारी होने से दूसरे प्रदेश से लौटे प्रवासी मजदूरों को काम नहीं मिल पा रहा है. ऐसे में फिर राज्य में पलायन की स्थिति बन रही है.
दूसरे प्रदेशों में काम करने वाले प्रवासी मजदूर भवन निर्माण, हीरा उद्योग, राईस मिल, विभिन्न कंपनियों में ठेका मजदूर, वाहन चालक, प्लंबर, वस्त्र निर्माण उद्योग में काम करते हैं. साथ ही वे सेवा क्षेत्र में धोबी, नाई, पान की दुकान, सब्जी विक्रेता जैसे कामों से भी जुड़े हुए थे. प्रवासी मजदूर दूसरे प्रदेशों में अलग-अलग सेवा क्षेत्रों से जुड़कर रोजी-रोजगार कर रहे थे, लेकिन दो माह से घर लौटकर बेरोजगार बैठे हैं.
किस जिले में कितने पंजीकृत कामगारों का नहीं हुआ है जॉब कार्ड जारी
13 जुलाई के मनरेगा के आकड़ों के अनुसार, दुमका जिला में सबसे अधिक 32हजार 685 मजदूरों का जॉबकार्ड जारी नहीं किया गया. 30 हजार से अधिक मजदूरों का जॉब कार्ड जारी नहीं होने वाले जिला में साहेबगंज, गोड्डा, गिरिडीह जिले हैं. वही इस मामले में सबसे बेहतर काम करने वाले जिला में सरायकेला, धनबाद एवं लोहरदगा है.
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| जिला | जिनका जॉब कार्ड नहीं हुआ जारी |
| रांची | 27083 |
| खूंटी | 6778 |
| लोहरदगा | 2995 |
| गुमला | 8852 |
| लातेहार | 24603 |
| पूर्वी सिंहभूम | 16492 |
| पश्चिम सिंहभूम | 23709 |
| सरायकेला | 316 |
| दुमका | 32685 |
| देवघर | 27374 |
| जामताड़ा | 17874 |
| गोड्डा | 30699 |
| साहेबगंज | 32452 |
| पाकुड़ | 21773 |
| हजारीबाग | 29227 |
| गिरिडीह | 30650 |
| चतरा | 27596 |
| कोडरमा | 17198 |
| रामगढ़ | 8351 |
| बोकारो | 22300 |
| धनबाद | 1882 |
क्या कहते हैं मनरेगा आयुक्त सिद्धार्थ त्रिपाठी
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मनरेगा आयुक्त सिद्धार्थ त्रिपाठी ने कहा कि वेबसाइट में कई रिपोर्ट अपडेट नहीं हो पाते हैं. हमारे यहां एक भी ऐसा मामला नहीं है. जिनको जॉब कार्ड नहीं दिया गया है. लेकिन जब सिमडेगा के प्रवासी मजदूरों को जॉब कार्ड नहीं मिलने की बात कही गयी, तो उन्होंने कहा कि अगर कहीं ऐसा है तो सुधार किया जायेगा.
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