
Ranchi : झारखंड के पारा शिक्षकों के स्थायीकरण और वेतनमान को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गयी. याचिका गुरूवार को दायर की गयी. जिसमें दस साल या उससे अधिक समय से कार्यरत पारा शिक्षकों के स्थायीकरण की मांग की गयी. याचिका की जानकारी देते हुए अनुबंध कर्मचारी महासंघ के केंद्रीय अध्यक्ष और पारा शिक्षक संघ के संरक्षक विक्रांत ज्योति ने बताया कि 20 जून 2019 को राज्य सरकार ने राज्य स्थायीकरण नीति लागू की.
जिसके तहत राज्य में दस साल या उससे अधिक समय से कार्यरत अनुबंध कर्मचारियों के स्थायीकरण की योजना है. लेकिन इस नीति में पारा शिक्षकों को शामिल नहीं किया गया. जिससे पारा शिक्षकों में आक्रोश है. साथ ही विक्रांत ने कहा कि एक ओर सड़क में आंदोलन कर अधिकार मांगा जा रहा है. वहीं दूसरी ओर हाईकोर्ट में भी याचिका कर स्थायीकरण और समान वेतनमान की मांग की जायेगी.
इसे भी पढ़ें – #PmModi जनसभा की तैयारी का टेंडर 6 सिंतबर को खुलेगा और प्रभात तारा मैदान में 4 तारीख से शुरू हो गया काम
55 हजार पारा शिक्षक का होना है स्थायीकरण
इस दौरान विक्रांत ने जानकारी दी कि झारखंड में लगभग 55 हजार पारा शिक्षक हैं, जो दस साल या उससे अधिक समय से अपनी सेवा दे चुके हैं. राज्य सरकार के स्थायीकरण नियमावली के तहत इन पारा शिक्षकों को भी स्थायीकरण करना चाहिए. लेकिन इसमें पारा शिक्षकों को शामिल ही नहीं किया गया.
याचिका राज्य के सभी पारा शिक्षकों के हितों में की गयी है. और यह किसी एक पारा शिक्षक या संघ की ओर से नहीं बल्कि याचिका राज्य के सभी पारा शिक्षकों की ओर से की गयी है. उन्होंने कहा कि पारा शिक्षक एकजुट हैं.
इसे भी पढ़ें – राज्य में कैसे होगा #CrimeControl, जब लॉ एंड ऑर्डर संभालने में लगे हों सिर्फ 34019 पुलिसकर्मी
सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता रखेंगे पारा शिक्षकों का पक्ष
पारा शिक्षकों की ओर से याचिका दायर करने के दौरान सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता नीतेश रंजन मौजूद थे. बताया गया कि हाईकोर्ट में पारा शिक्षकों का पक्ष सुप्रीम कोर्ट अधिवक्ता की ओर से ही रखा जायेगा. उन्होंने नीति आयोग का हवाला देते हुए कहा कि नीति आयोग के निर्देश है कि 2022 तक पारा शिक्षकों के पद खत्म कर दिये जाएं.
पारा शिक्षक इस निर्देश का स्वागत करते हैं, लेकिन इसके पहले जो पारा शिक्षक दस साल या उससे अधिक समय से कार्यरत है, उनका स्थायीकरण कर दिया जाए. उन्होंने कहा कि राज्य के पारा शिक्षक के पास अब हाईकोर्ट ही विकल्प है.
इसे भी पढ़ें – #MarutiSuzuki : मंदी से उबरने की कवायद, कारों पर बंपर डिस्काउंट ऑफर , एक लाख तक की छूट




