
चाईबासा : मंडल कारा, चाईबासा में बंदियों को कौशल विकास और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए व्यावसायिक बागवानी का प्रशिक्षण दिया जाएगा। पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त मनीष कुमार ने प्रोजेक्ट परिवर्तन के तहत प्रशिक्षण के तीसरे चरण में RSETI के माध्यम से इच्छुक बंदियों को प्रशिक्षण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
शनिवार को जिला समाहरणालय सभागार में विधि शाखा, कारा सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और समाज कल्याण विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने यह निर्देश दिया। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी भौतिक और वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।
इच्छुक बंदियों की तैयार होगी सूची
उपायुक्त ने अधिकारियों को प्रशिक्षण लेने के इच्छुक बंदियों की सूची तैयार करने और आवश्यक प्रक्रिया जल्द पूरी करने को कहा। प्रशिक्षण का उद्देश्य बंदियों को व्यावहारिक कौशल उपलब्ध कराना और भविष्य में उनके लिए आजीविका के अवसर तैयार करना है।
जेल की सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था की भी समीक्षा
बैठक में मंडल कारा, चाईबासा की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने जेल में लगे CCTV कैमरों, निगरानी व्यवस्था और बंदियों को उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली।
उन्होंने सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के साथ बंदियों को जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
बारिश को देखते हुए आपदा प्रबंधन की समीक्षा
लगातार बारिश के मद्देनजर जिले में संभावित आपदा की स्थिति की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को संवेदनशील इलाकों में निगरानी रखने और आपदा से होने वाली क्षति की जानकारी नियमित रूप से जिला कार्यालय को उपलब्ध कराने को कहा।
उन्होंने डैम और जलाशयों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने तथा स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित तैराकों की सूची तैयार कर उन्हें जरूरत पड़ने पर ‘सुरक्षा मित्र’ के रूप में इस्तेमाल करने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया।
सावित्रीबाई फुले योजना की भी समीक्षा
समाज कल्याण विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना की प्रगति की जानकारी ली गई। उपायुक्त ने जिले की सभी पात्र छात्राओं तक योजना का लाभ पहुंचाने का निर्देश दिया।
इसके अलावा ट्रांसजेंडर समुदाय के पात्र लोगों के ID और आधार निर्माण से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा हुई। अधिकारियों को आवश्यक दस्तावेज और पहचान संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई करने को कहा गया।
बैठक में लंबित विधिक मामलों, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से जुड़े प्रकरणों और सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त आवेदनों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।


