
Amit Kumar Jha
Ranchi: भारत से अलग होकर पाकिस्तान बने 75 बरस ही हुए हैं. पर झारखंड में करीब 200 बरस पहले से पाकिस्तान है. चौंक गए न, लेकिन सच्चाई कुछ ऐसी ही है. असल में यह देवघर जिले के सबेजौर पंचायत का एक टोला है. सारठ प्रखंड के इस टोले का नाम अब सुर्खियों में आ चुका है. इसका कारण जिला अभियंता कार्यालय, जिला परिषद, देवघर ने सारठ ब्ल़ॉक के अलग अलग हिस्सों में पीसीसी रोड बनाने का जारी किया गया टेंडर विज्ञापन (04/2022-23) है. 12 मई को देवघर के स्थानीय समाचार पेपरों में 119 अलग अलग कार्यों के लिए जारी टेंडर में 56 नंबर का टेंडर रोचक है. इसमें कहा गया है कि सबेजौर पंचायत के डाडपोखर से पाकिस्तान (बढ़ी टोला) तक पीसीसी पथ का निर्माण किया जायेगा. पाकिस्तान का नाम आते ही इसे लेकर सोशल मीडिया में भी सवालों का दौर शुरू हो गया है. गृह मंत्रालय तक से इस पर एक्शन लेने और नाम बदले जाने की अपील की जाने लगी है.

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बढ़ई परिवारों का है गढ़
वास्तव में बढ़ई टोला में एक दर्जन से अधिक बढ़ई परिवार सदियों से रहते आये हैं. एक भी मुस्लिम परिवार उधर नहीं है. सारठ विधायक रणधीर सिंह की मानें तो उनकी जानकारी में बढ़ई टोला का पाकिस्तान नाम करीब 200 सालों से है. उन्होंने पाकिस्तान नाम मामले में कई बार स्थानीय लोगों से पूछा भी. किसी ने कुछ स्पष्ट नहीं बताया. फिर भी इस मामले के सामने आने पर उन्होंने जिला प्रशासन से इस मामले में सुधार करने को कहा है.

लोगों के लिए लाख टके का सवाल
स्थानीय पत्रकार औऱ ग्रामीण इस बात की जानकारी देने में सक्षम नहीं हो पा रहे कि आखिर किस आधार पर बढ़ई टोला को पाकिस्तान का दर्जा दिया गया है. लंबे समय से ऐसा होता रहा है पर किसी का ध्यान इसकी संवेदनशीलता पर नहीं गया. अब सवाल उठ रहे हैं कि पाकिस्तान जैसा टोला आखिर बाबानगरी में कैसे. सरकार के स्तर से विज्ञापन जारी करते समय भी इसकी संवेदनशीलता को नहीं देखा गया. झारखंड सरकार और केंद्र को इस मामले की गंभीरता को देखते पहल करनी चाहिये और नाम में सुधार करने को कदम उठाना चाहिये.




