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अपराध का कोई सुराग नहीं छोड़ता था अमन श्रीवास्तव, टेक्निकली रिच गैंगस्टर सोशल मीडिया से रहता था दूर

Ranchi: पहली बार पुलिस की गिरफ्त में आए गैंगस्टर अमन श्रीवास्तव, श्रीवास्तव गैंग के सरगना रहे अपने पिता सुशील श्रीवास्तव की हत्या के बाद उसकी विरासत को संभालते हुए पिछले सात- आठ वर्षो से राज्य के बाहर से गैंग को ऑपरेट कर रहा था. तेलंगना, मुंबई, आंध्रप्रदेश, मध्यप्रदेश और गुजरात में ठिकाना बनाकर अमन श्रीवास्तव घटना को अंजाम देता था. कोयला कारोबार और अन्य विकास योजना में कार्यरत कंपनी और कारोबारी रंगदारी की मांग करता था. रंगदारी के लिये फायरिंग की घटना सहित हत्या तक की घटना को अंजाम दिलवाता था. कारोबारी मे भय का माहौल था.

23 जघन्य कांडों का आरोपी है अमन श्रीवास्तव

अमन श्रीवास्तव पर हजारीबाग, लातेहार, रामगढ़ सहित अन्य जिलों में 23 जघन्य अपराध के मामले दर्ज है. एटीएस के एसपी सुरेंद्र कुमार झा ने बताया कि एटीएस को सूचना मिली थी कि अमन श्रीवास्तव मुंबई में है, इसी सूचना पर झारखंड एटीएस मुंबई एटीएस के सहयोग से सोमवार को गिरफ्तार किया गया. अमन श्रीवास्तव तकनीकी रुप से काफी दक्ष था, कभी लॉयर रहे गैंगस्टर अमन श्रीवास्तव झारखंड पुलिस के लिये सरदर्द बन चुका था. वर्षो से पुलिस अधिकारियों को चकमा दे रहा था. अपराध कर कोई सुराग नहीं छोड़ना उसकी पहचान बन गई थी.

सोशल मीडिया से दूरी थी उसकी पहचान

सोशल मीडिया से दूर अमन श्रीवास्तव मोबाइल फोन से नार्मल कॉल तो दूर वाहट्अप कॉल से भी किसी से बात नही करता था. अमन श्रीवास्तव वॉयस ओवर पैकेट का इस्तेमाल करता था. बता दें कि हजारीबाग कोर्ट परिसर में अमन श्रीवास्तव के पिता गैंगस्टर सुशील श्रीवास्तव की हत्या की हत्या 2 जून 2015 को कर दी गई थी. अमन के इशारे पर 26 अक्तूबर 2016 को प्रतिद्वंदी पांडेय गिरोह के किशोर पांडेय के बुजुर्ग पिता कामेश्वर पांडेय की हत्या पतरातू में कर दी गयी थी. श्रीवास्तव गैंग और पांडेय गिरोह में वर्चस्व की लड़ाई लंबे समय से है.
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चार्जशीट में अमन श्रीवास्तव के बहनोई, भाई समेत 12 लोग

एटीएस थाने में 17 जनवरी 2022 को अमन श्रीवास्तव गैंग के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी में गैंग लीडर अमन श्रीवास्तव सहित 15 आरोपित किए गए थे. इन आरोपितों में अमन श्रीवास्तव के भाई अभिक श्रीवास्तव, बहनोई चंद्रप्रकाश राणू, बहन मंजरी श्रीवास्तव, चचेरे भाई प्रिंसराज श्रीवास्तव, सहयोगी विनोद कुमार पांडेय, जहीर अंसारी, फिरोज खान उर्फ साना खान, मजमूद उर्फ नेपाली, असलम, सिद्धार्थ साहू आदि शामिल थे. अमन श्रीवास्तव गैंग के 12 सदस्यों पर 12 जुलाई 2022 को सिविल कोर्ट रांची में एटीएस ने अमन श्रीवास्तव का भाई अभिक श्रीवास्तव व बहनोई चंद्रप्रकाश राणू सहित अऩ्य पर चार्जशीट दाखिल किया है. चार्जशीट में बताया गया कि श्रीवास्तव गैंग के अपराधी रंगदारी व लेवी से पैसे जुटाते थे और उससे हथियार खरीदकर आतंक कायम करने के लिए गोली-बारी व आगजनी की घटना को अंजाम देने के लिए व्यवसायियों-ठेकेदारों में खौफ कायम करते थे. अमन श्रीवास्तव खुद कभी भी न तो कोई कांड करता है और न हीं लेवी ही वसूलता है. वह अपने गुर्गों-सहयोगियों के माध्यम से दहशत फैलाने के लिए गोलीबारी व आगजनी की घटना को अंजाम दिलाता था. रंगदारी के रूप में मिलने वाली राशि भी वह स्वयं नहीं लेता था. हवाला के माध्यम से अपने रिश्तेदारों तक लेवी की राशि मंगवाता था. पूर्व में टाटा माइंस, एलएंडटी में फायरिंग आदि की घटनाओं में इस गिरोह की संलिप्तता सामने आ चुकी है.

28.88 लाख रुपए के साथ पकड़ा गया था गैंगस्टर का सहयोगी हवाला कारोबारी

जनवरी 2022 में राजस्थान के बीकानेर में श्रीडूंगरगढ़ और रांची एटीएस टीम ने हवाला कारोबारी ,अनिल कुमार शर्मा को 28 लाख 88 हजार रुपए के साथ पकड़ा था. हेमासर निवासी सुनील शर्मा का अमन श्रीवास्तव से नजदीकी संबंध है. गैंगस्टर अमन आरोपी सुनील के मार्फत हवाला का सारा कारोबार करता था. पूछताछ में बताया था कि यह रुपए सुनील के मार्फत अमन के पास भिजवाने थे. इस पूरे प्रकरण के तार बेंगलुरू से जुड़े होने के तथ्य भी सामने आए थे. राजस्थान के बीकानेर श्रीडुंगरगढ़ स्थित हेमासार निवासी सुनील कुमार शर्मा भी एटीएस का चार्जशीटेड है.

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