

झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 के तहत नोटिसों की सुनवाई और मामलों के निष्पादन की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने सोमवार को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर 26 अक्टूबर तक की अद्यतन स्थिति साझा की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल करने के साथ सूची को शुद्ध, समावेशी और त्रुटिरहित बनाना निर्वाचन आयोग की प्राथमिकता है। इसके लिए राजनीतिक दलों का सहयोग आवश्यक है।
बैठक में बताया गया कि निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों (ईआरओ) और सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों (एईआरओ) ने सुनवाई के बाद मामलों का निष्पादन कर उन्हें ईसीआईनेट पर अपलोड किया है। आंकड़ों के अनुसार, तीन श्रेणियों में निष्पादन और अपडेशन की प्रगति अलग-अलग रही। बताया गया कि नो मैपिंग’ के 27.72% और लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी ( तर्कसंगत विसंगति) के 44.75% मामलों का निष्पादन किया गया। बैठक में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने जिलों और विधानसभा क्षेत्रों के प्रदर्शन से संबंधित रिपोर्ट राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ साझा की। निर्वाचन प्रक्रिया के तहत लंबित मामलों का निष्पादन और पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल करना आगे की प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे।
नो मैपिंग के 27.72% मामले निष्पादित नो मैपिंग श्रेणी में कुल 14,04,033 मामलों में से 3,89,248 का निष्पादन कर ईसीआईनेट पर अपलोड किया गया है। इस श्रेणी में निष्पादन की प्रगति 27.72 प्रतिशत है, जबकि 10,14,785 मामले लंबित हैं। लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी श्रेणी में कुल 45,49,961 मामलों में से 20,35,968 का निष्पादन और अपडेशन किया गया है। यहां प्रगति 44.75 प्रतिशत है तथा 25,13,993 मामले शेष हैं। वहीं, अन्य श्रेणी में कुल 1,61,65,853 मामलों में से 1,38,80,904 का निष्पादन किया जा चुका है। इस श्रेणी में प्रगति 85.87 प्रतिशत है, जबकि 22,84,949 मामले लंबित हैं।
विधानसभा क्षेत्रों में भी अलग-अलग स्थिति लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी श्रेणी में लोहरदगा विधानसभा क्षेत्र में 98.57 प्रतिशत, चक्रधरपुर में 98.48 प्रतिशत, जगन्नाथपुर में 95.20 प्रतिशत, मझगांव में 94.45 प्रतिशत और चाईबासा में 93.76 प्रतिशत निष्पादन दर्ज किया गया। वहीं, गोड्डा में 9.21 प्रतिशत, रांची में 10.07 प्रतिशत, पाकुड़ में 10.12 प्रतिशत, महागामा में 12.41 प्रतिशत और हटिया में 14.41 प्रतिशत प्रगति रही। नो मैपिंग श्रेणी में चक्रधरपुर में 85.47 प्रतिशत, जगन्नाथपुर में 73.68 प्रतिशत, लोहरदगा में 67.92 प्रतिशत, भवनाथपुर में 58.09 प्रतिशत और मझगांव में 54.41 प्रतिशत निष्पादन हुआ। छतरपुर में 1.91 प्रतिशत, हुसैनाबाद में 2.26 प्रतिशत, पांकी में 2.56 प्रतिशत, कोडरमा में 4.49 प्रतिशत और राजमहल में 7.04 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई।
जिलावार आंकड़ों में लोहरदगा और पश्चिमी सिंहभूम जिलों का प्रदर्शन बेहतर जिलावार आंकड़ों के अनुसार, लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी श्रेणी में लोहरदगा 98.57 प्रतिशत के साथ सबसे आगे रहा। पश्चिमी सिंहभूम में 94.78 प्रतिशत, गुमला में 80.57 प्रतिशत, सिमडेगा में 70.02 प्रतिशत और देवघर में 65.64 प्रतिशत मामलों का निष्पादन हुआ। इस श्रेणी में गोड्डा 19.46 प्रतिशत, पाकुड़ 20.69 प्रतिशत, गढ़वा 23.51 प्रतिशत, रांची 23.81 प्रतिशत और साहिबगंज 24.37 प्रतिशत के साथ निचले स्थानों पर रहे। नो मैपिंग श्रेणी में लोहरदगा में 67.92 प्रतिशत और पश्चिमी सिंहभूम में 60.12 प्रतिशत मामलों का निष्पादन हुआ। गढ़वा में 48.98 प्रतिशत, सिमडेगा में 47.97 प्रतिशत और बोकारो में 39.90 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई।




