
- मुख्यमंत्री ने दूसरे दिन भी सरकार के विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा की
- सरकारी धन को निजी खाते में रखनेवालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश
- सौर ऊर्जा आधारित बिजली पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दे रहे जोर
Ranchi : ऊर्जा विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने आला अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि राज्य की वर्तमान और आनेवाले दिनों में बिजली की घरेलू और कमर्शियल दोनों आवश्यकता का ठीक से आकलन करें. इसके लिए आवश्यक आधारभूत संरचना और ट्रांसमिशन लाइन का आकलन करें. वहीं विभाग के अंतर्गत 2015 से चल रहे सभी कामों को 31 मार्च तक खत्म करने पर अधिकारी फोकस करें.
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सौर ऊर्जा आधारित बिजली पर रहे जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सौर ऊर्जा आधारित बिजली पर अधिक काम करें. एक टोला, पंचायत गांव आदि पर सोलर पैनल की यूनिट लगायी जा सकती है, इस पर जोर दें. मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण विकास को केंद्र में रख कर कार्य किये जायें.
मनरेगा के तहत 100 दिनों का रोजगार देना है, पर अभी औसतन 41 दिनों का रोजगार दिया जा रहा है. इसे हर हाल में 100 दिनों तक ले जाना होगा ताकि ग्रामीणों को रोजगार मिल सके.
केन्द्र मनरेगा के तहत् झारखंड को मजदूरी दर कम दे रहा
मुख्यमंत्री ने इस पर चिंता जतायी कि अन्य राज्यों की तुलना में केन्द्र राज्य को मनरेगा के तहत् मजदूरी दर कम दे रहा है. यह 171 रुपये है, जबकि कई राज्यों को इससे अधिक दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इस दिशा में एक अध्ययन करते हुए केंद्र को प्रस्ताव दिया जाये. मजदूरी बढ़ने से गरीब मजदूरों के पोषण क्षमता में वृद्धि होगी.
हर गरीब, वृद्ध और विधवा तक खाद्यान्न पहुंचे
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक गरीब वृद्ध और विधवा तक खाद्यान्न पहुंचे. गांव में जब उम्र के आधार पर एक व्यक्ति कार्य से अशक्त हो जाता है, तब उस तक खाद्यान्न पहुंचना हमारा दायित्व है. विभाग ऐसी योजना तैयार करे जिससे जरूरमन्दों को खाद्य सुरक्षा से जोड़ा जा सके.
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राजस्व को बढ़ाने पर जोर
वित्त और वाणिज्य कर विभाग की समीक्षा में राज्य के राजस्व को बढ़ाने पर जोर दिया गया. मुख्यमंत्री ने कहा कि करों की चोरी करने वाले और सरकारी धन को निजी खाते में रखने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करें.
बैठक में मुख्यमंत्री, विभागीय मंत्री के अलावा उपस्थिति रहे कई अधिकारी
समीक्षा बैठक में मंत्री रामेश्वर उरांव, आलमगीर आलम, मुख्य सचिव डॉ डी के तिवारी, विकास आयुक्त सुखदेव सिंह, ऊर्जा विभाग के अपर मुख्य सचिव एल ख्यान्गते, अपर मुख्य सचिव केके खंडेलवाल, अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह, विभिन्न विभागों के प्रधान सचिव और सचिव, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपालजी तिवारी तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे.
एसटी-एससी के बच्चे जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए ना भटकें
मुख्यमंत्री ने समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिया कि कैम्प लगाकर जाति प्रमाण पत्र बनाये जाये. उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी व्यवस्था हो कि 9वीं कक्षा में ही सभी बच्चों के जाति प्रमाण पत्र बन जायें.
मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र में जाति प्रमाण पत्र न बनाये जाने या उसे लंबित रखने की बहुत सी शिकायतें मिली हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति के बच्चे जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए ना भटकें यह विशेष रूप से ध्यान रखें.
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