Corona_Updates

#FightAgainstCorona : मेडिकल उपकरण बनानेवालों ने केंद्र सरकार पर लगाया आरोप – ‘हमने पांच हफ्ते गंवा दिये’

New Delhi : कोरोना वायरस के संक्रमण का देश में असर बढ़ता जा रहा है. लगभग सभी राज्यों में फैल चुके इस वायरस से लड़ने के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकारें जुटी हुई हैं. औऱ इस लड़ाई में सबसे आगे खड़ें हैं हमारे देश के डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ.

Jharkhand Rai

लेकिन ऐसी खबरें आ रही हैं कि इन डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को पीपीई यानी पर्सनल प्रोटेक्शन किट मिलने में परेशानी आ रही है. इसके बिना ये खतरे में आ जायेंगे. बचाव में जुटी टीम के लिए एन-95 मास्क, पर्सनल प्रोटेक्टिव किट और सैनिटाइजर की किल्लत हो रही है.

देश में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है ऐसे में इनकी जरूरत और खपत और बढ़ जायेगी. आखिर ये उपकरण उपलब्ध क्यों नहीं हैं.

मेडिकल उपकरण बनानेवालों ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाये हैं. उनका कहना है कि सरकार ने इस महामारी से लड़ने के लिए जरूरी मेडिकल उपकरण बनाने की अनुमति देर से दी जिसके चलते देश ने पांच हफ्ते गंवा दिये.

Samford

इसे भी पढ़ें – Good News :  रेलवे ने 15 अप्रैल से सेवाएं बहाल करने के लिए तैयारी शुरू की, राजस्थान में चरणबद्ध खत्म हो सकता है लॉकडाउन

सरकार की प्रतिक्रिया देर से मिली

क्विंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक प्रिवेंटिव वियर मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (PWMAI) के अध्यक्ष संजीव ने बताया कि पीपीई की कमी की मुख्य वजह इसको लेकर सरकार की देर से मिली प्रतिक्रिया है.

संजीव और पीपीई के अन्य निर्माताओं का कहना है कि उन्होंने फरवरी में ही स्वास्थ्य मंत्रालय से संपर्क किया था और सरकार से पीपीई किट को स्टॉक करने का आग्रह किया था. उस वक्त स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा था कि केंद्र से उसे कोई निर्देश नहीं मिला है. संजीव ने कहा कि हमें 21 मार्च तक सरकार की तरफ से कोई मेल नहीं मिला.

अगर सरकार ने 21 फरवरी तक मेल का जवाब या विनिर्देश दिये होते तो अब तक पीपीई किट की हम पर्याप्त व्यवस्था कर पाते. संजीव ने आगे कहा “लगभग 5 से 8 मार्च के बीच राज्य सरकारों, सेना के अस्पतालों, रेलवे अस्पतालों से टेंडर आने शुरू हुए.

इसे भी पढ़ें – कोरोना का कहर : सुपर पावर अमेरिका लड़ाई में पिछड़ा, 7000 से ज्यादा मौतें, वैश्विक महामारी का केंद्र बना

यहां उल्लेखनीय है कि देश भर के डॉक्टर कह रहे हैं कि उनके पास पीपीई किट, मास्क समेत अन्य जरुरी संसाधनों का घोर आभाव है. इन संसाधनों के वगैर भी हमारे डॉक्टर कोरोना पीड़ित मरीजों का इलाज कर रहे हैं. नर्स व अन्य स्वास्थ्यकर्मी भी कोरोना पीड़ित को ठीक करने में लगे हुए हैं. पीपीई किट नहीं होने के कारण अब तक 62 डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मी कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं.

 

Advertisement

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: