Corona_UpdatesWorld

कोरोना का कहर : सुपर पावर अमेरिका लड़ाई में पिछड़ा, 7000 से ज्यादा मौतें, वैश्विक महामारी का केंद्र बना

Wshington : कोरोना से लड़ाई में सुपर पावर अमेरिका पिछड़ता जा रहा है. यहां अब तक सात हजार से अधिक मौतें हो चुकी हैं. आज से दो माह पहले यहां कोरोना का पहला केस सामने आया था. तब से इसका संक्रमण पूरे अमेरिका में फैल गया है.

कुल मिलाकर अमेरिका वैश्विक महामारी का बड़ा केंद्र बनकर उभरा है. कोरोना ने अमेरिका की अर्थ और हेल्थ दोनों ही सेक्टर की तैयारियों की पोल खोल दी है. एक लाख से अधिक लोग बेरोजगार हो चुके हैं तो हेल्थ सिस्टम में खामियां दिख रही हैं.

इसे भी पढ़ेंः #FightAgainstCorona: प. सिंहभूम जिला प्रशासन ने तैयार किया खास सैंपल कलेक्शन सेंटर, नहीं पड़ेगी पीपीई किट की जरूरत

advt

यही कारण है कि कोरोना वायरस से अमेरिका में 7,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 2,70,000 लोग संक्रमित हुए हैं. और राष्ट्रपति लोगों से हाथ धोते रहने की अपील करते रहे हैं.

नए आंकड़ों के आधार पर सीडीसी ने कहा कि यह विषाणु निकटता से बात करते समय, खांसने या छींकने से तेज गति से फैलता है.
हालात की गंभीरता को देखते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सभी देशवासियों को कोरोना वायरस से लड़ने के वास्ते जन स्वास्थ्य उपाय के तौर पर स्कार्फ या घर पर बने मास्क से चेहरा ढकने का सुझाव दिया है. हालांकि वह खुद मास्क नहीं पहनेंगे.

adv

अमेरिका के रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (सीडीसी) का हवाला देते हुए ट्रम्प ने लोगों से स्कार्फ या घर पर बने कपड़े के मास्क से चेहरा ढकने लेकिन चिकित्सा वाले मास्क स्वास्थ्यकर्मियों के लिए छोड़ने का अनुरोध किया है.

इसे भी पढ़ेंः 5 अप्रैल को 9 मिनट के लिए सिर्फ घरों के बल्ब बंद करें, अन्य उपकरण चलते रहने देंः ऊर्जा विभाग

उन्होंने कहा, ‘‘सीडीसी चिकित्सा या सर्जिकल मास्क का इस्तेमाल करने की सिफारिश नहीं कर रही है. इनकी जरूरत अमेरिकियों की जान बचाने के लिए काम कर रहे चिकित्साकर्मियों को है.

चिकित्सा रक्षा उपकरण अग्रणी मोर्चे पर काम कर रहे स्वास्थ्य देखभाल कर्मियों के लिए रखे होने चाहिए जो महत्वपूर्ण सेवाएं दे रहे हैं.’’
सीडीसी ने सिफारिश की है कि अमेरिकी साधारण कपड़े का मास्क पहन सकते हैं जो या तो ऑनलाइन खरीदा गया हो या घर पर बना हो.

हालांकि, ट्रम्प ने कहा कि वह इस दिशा निर्देश का पालन नहीं करेंगे.
उन्होंने कहा, ‘‘मैं खुद मास्क नहीं पहनना चाहता है. यह बस सिफारिश है.’’

राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘खूबसूरत रेसोल्यूट डेस्क के पीछे ओवल कार्यालय में बैठते हुए मुझे लगता है कि राष्ट्रपतियों, तानाशाहों, राजाओं, महारानियों से बात करते हुए मास्क पहनना ठीक नहीं है. मैं इसे अपने लिए नहीं देखता.’’

वहीं, अमेरिका के एक शीर्ष वैज्ञानिक ने शुक्रवार को कहा कि कोरोना वायरस सामान्य रूप से सांस लेने से भी फैल सकता है.
उन्होंने हर किसी को मास्क पहनने की सलाह दी है.

अनुभवी अमेरिकी विशेषज्ञ एंथनी फॉसी ने फॉक्स न्यूज को बताया कि मास्क पर दिशा निर्देश बदले जाएंगे क्योंकि हाल ही में सामने आया है कि यह विषाणु तब भी फैल सकता है जब लोग महज बात कर रहे होते हैं.

इसे भी पढ़ेंः लॉकडाउन का पालन सख्ती से हो, कोरोना पॉजिटिव केस बढ़े तो महाराष्ट्र में बढ़ा सकता है बंद – राजेश टोपे

 

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: