
New Delhi : कोविड-19 संकट की वजह से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआइ) ने अप्रैल में अब तक भारतीय पूंजी बाजारों से 9,103 करोड़ रुपये की निकासी की है. एफपीआइ निवेश के लिए सोने और डॉलर आधारित प्रतिभूतियों जैसे सुरक्षित विकल्प की ओर रुख कर रहे हैं.
डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार एक से नौ अप्रैल के दौरान विदेशी निवेशकों ने शेयरों से शुद्ध रूप से 2,951 करोड़ रुपये और ऋण या बांड बाजार से 6,152 करोड़ रुपये की निकासी की. इस तरह अप्रैल में अब तक उन्होंने शुद्ध रूप से 9,103 करोड़ रुपये निकाले हैं.
इसे भी पढ़ें – चिंताजनकः विश्व बैंक का अनुमान, चालू वित्त वर्ष में भारत की वृद्धि दर सिर्फ 1.5-2.8 प्रतिशत रहेगी
पिछले महीने 1.1 लाख करोड़ की निकासी
इससे पिछले महीने एफपीआइ ने भारतीय पूंजी बाजारों से शुद्ध रूप से 1.1 लाख करोड़ रुपये की निकासी की थी. यह नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी पर एफपीआइ के आंकड़े उपलब्ध होने के बाद से निकासी का सबसे बड़ा आंकड़ा है.
मॉर्निंग स्टार इंडिया के वरिष्ठ विश्लेषक प्रबंधक हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘दुनिया भर में कोविड-19 को लेकर स्थिति खराब हुई है. इस महामारी ने वैश्विक स्तर पर निवेशकों की धारणा और बाजारों को प्रभावित किया है.’’ श्री श्रीवास्तव ने कहा कि इससे उभरते बाजार सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं. विदेशी निवेशकों वहां से अपना निवेश निकाल कर अधिक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं. उभरते बाजारों में भारत इससे सबसे अधिक प्रभावित हुआ है.
इसे भी पढ़ें – पंजाब: पुलिस टीम पर हमला करने और ASI के हाथ काटने के मामले में सात गिरफ्तार



