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साहिबगंज इतना बदनाम क्यों है ?

Chandi Dutta Jha

Ranchi: देशभर में जामताड़ा साइबर क्राइम के लिए बदनाम है, उसी तर्ज पर चोरी के लिए साहिबगंज जिला कुख्यात है. देश के महानगरो में जब चोरी की घटना को अंजाम दिया जाता है तो वहां की पुलिस साहिबगंज के चोर की तलाश में जुट जाती है. लेकिन साहिबगंज चोरी की घटना के अलावे भी कई ऐसी घटना देश के लोगों के लिए भूलना आसान नहीं होगा. रुबिका पहाड़िन की हत्या अंदर तक हिला दिया. यहां तक कि पुलिस की हाथ पांव फूलने लगे थे.  साल 2022 झारखंड का साहिबगंज जिला कई घट्टी- मी‍ठी यादें दे कर अलविदा हो रहा है. लेकिन साहिबगंज में साल 2022 में कुछ ऐसी अजीबोगरीब घटनाएं घटित हुई, जो राज्य से लेकर देश स्तर पर चर्चा का विषय बन गई. कई मामले है जिस वजह से साहिबगंज इस वर्ष सुर्खियो में रहा. हम आपको झारखंड के संथाल परगना स्थित साहिबगंज के कुछ प्रमुख घटनाओं की जानकारी दे रहे हैं, जिसको लेकर साहिबगंज चर्चा में रहा.

पत्नी के टुकड़े कर कुत्तों के झुंड के बीच छोड़ा

 

साहिबगंज में बोरिया संथाली के एक निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केंद्र के पीछे मानव अंग के टुकड़े मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई. बीते शनिवार शाम इस घटना की भनक तब लगी जब किसी शख्स ने आंगनबाड़ी केंद्र के पीछे एक महिला के पैर और सीने के कटे टुकड़े को कुत्ते को नोच-नोचकर खाते देखा. 16 दिसंबर 2022 को घटना को अंजाम दिया गया था. दिलदार नामक आरोप अपनी पत्नी रुबिका पहाड़ी को कटर से बारह टुकड़ों में काटकर हत्या कर दिया था. मृतका रुबिका पहाड़ी प्रेम विवाह के बाद पति दिलदार अंसारी के साथ बेलटोला स्थित घर पर रहती थी. रबिका दिलदार की दूसरी पत्नी थी. घटना में रुबिका के पति दिलदार अंसारी सहित 10 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है.

अवैध माईनिग का हुआ भंडाफोड़, ईडी ने कई को भेजा सलाखो के पीछे

झारखंड के साहिबगंज में ईडी की टीम भी वर्ष 2022 में एक्शन मोड में है. अवैध माइनिंग के जरिए मनी लान्ड्रिंग  के मामले की जांच कर रही ईडी साहिबगंज में कई बार छापेमारी की है. 8 जुलाई 2022 को साहिबगंज, राजमहल, बड़हरवा और मिर्जा चौकी में डेढ़ दर्जन से ज्यादा लोगों के घरों पर छापामारी की थी. इस दौरान नगद लगभग 5 करोड़ सहित 37 बैंक खातों में जमा 11.88 करोड़ रुपये की राशि जब्त की गई थी. इस मामले की जांच में प्रमुख तौर पर सीएम के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा की संलिप्तता के सबूत मिलने के बाद ईडी ने उसे गिरफ्तार कर लिया था. जबकि अंतिम बार 1 दिसंबर 2022 को स्वीटी पैलेस सहित कई ठिकाने पर छापेमारी की थी. इस बीच कई बार ईडी की टीम साहिबगंज छानबीन के लिये पहुंची, माइनिंग और फॉरेस्ट के दफ्तरों सहित कई कारोबारी, व्यवसायी के यहां दबिश दी. कई अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया. हालांकि कई आरोपी फरार है, जबकि कई कारोबारी, व्यवसायी, पुलिस अधिकारी सहित अन्य लोग रडार पर. साहिबगंज और आस-पास के इलाकों में अवैध खनन से रोजाना लाखों की उगाही की जानकारी ईडी को मिली थी. इसके अलावे ईडी साहिबगंज जिले के बरहरवा टोल प्लाजा मामले की भी जांच कर रही है, इसमें मंत्री आलमगीर आलम, पंकज मिश्रा सहित कई लोग आरोपी है.

गंगा मे मालवाहक जहाज हादसे का मामला संसद में गूंजा

मार्च 2022 को साहिबगंज और बिहार के कटिहार जिले के मनिहारी घाट के बीच गंगा नदी में एक मालवाहक जहाज पलट गया. जहाज पर 14 स्टोन लोड ट्रक सवार थे. इसके साथ ही ट्रकों के ड्राइवर और खलासी भी सवार थे. स्टोन चिप्स लदे अवैध रुप से जहाज साहिबगंज से बिहार के कटिहार जिले के मनिहारी घाट की तरफ जा रहा था. पांच ट्रक जहाज से गंगा में गिर गए. जबकि नौ ट्रक जहाज पर ही पलट गए. हादसे का मामला संसद में भी गूंजा था. गोड्‌डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने इस मामले में सीधे झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन को निशाने पर लगाया. कहा कि कैसे यह अवैध ट्रक जा रहे हैं. सन सेट और सन राइज के बीच में इस परिवहन की अनुमति नहीं है. कहा कि जिन लोगों की ओर से यह कारोबार किया जा रहा है, मुख्यमंत्री उस कंपनी के पार्टनर हैं. पीए वहां की दलाली कर रहे हैं. इस कारण से ये अवैध एक्टिविटी हो रही है.

पुलिस कस्टडी में मौत पर बवाल

25 फरवरी को साहिबगंज जिले में पुलिस कस्टडी में देबु तुरी नामक युवक की मौत के बाद आक्रोशित लोगों ने जमकर हंगामा किया. आक्रोशित लोगो ने तालझारी थाने पर पथराव कर दिया. तोड़फोड़ की, कई वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया. हमले में दो पुलिसकर्मी चोटिल हो गये. भीड़ पर काबू करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े. पुलिस ने भीड़ नियंत्रित करने के लिए हल्का लाठी चार्ज किया. तालझारी थाना ने लूट के एक मामले में नामजद अभियुक्त देबु तुरी को हिरासत में लिया था. पुलिस कस्टडी में अचानक देबू तुरी की तबियत बिगड़ने पर साहिबगंज अस्पताल में इलाज के दौरान आरोपी की मौत हो गई. आरोपी की पत्नी अनुपमा हेम्ब्रम ने पुलिस पर चार दिनों तक थाने में रखकर पिटाई करने से मौत का आरोप लगाया था.

पीएम मोदी की रैली में पहुंचते है साहिबगंज के चोर

साहिबगंज के चोरों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैलियों का बेसब्री से इंतजार रहता है. हिंदी भाषी राज्यों में जहां भी मोदी की रैली होती है यहां के चोर पहुंच जाते हैं. वे भीड़ का फायदा उठाते हैं. लोगों की जेब से मोबाइल उड़ाते हैं. मार्च 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपी में रैलियों में साहिबगंज के चोर मोबाईल चोर को कानपुर पुलिस ने पकड़ा था. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समेत अन्य राजनेताओं की चुनावी रैलियों में मोबाइल चोरी करने वाले शातिर चोर को चकेरी पुलिस ने गिरफ्तार किया था. पुलिस ने साहिबगंज तीन पहाड़ निवासी बंटी कुमार पंडित के पास से 40 मोबाइल बरामद किए था. पुलिस के सामने स्वीकार किया है कि मोदी की रैली में साहिबगंज के चोर पहुंचते हैं. वह चुनावी रैलियों, बाजारों, मंदिरों और अन्य भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर मोबाइल चोरी करता था.

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