JharkhandRanchi

कौन है वो बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता, जिसे बिना नंबर के स्कॉर्पियो से झारखंड में घूमने की छूट है

Ranchi: क्या बीजेपी की तरफ से अपने प्रदेश प्रवक्ताओं को यह छूट मिली हुई है कि वो बिना नंबर की गाड़ी पर पूरा प्रदेश घूमें. पार्टी के पदाधिकारी पूछने पर तो इनकार ही करेंगे, लेकिन यह सच है कि बीजेपी की एक प्रदेश प्रवक्ता बिना नंबर की गाड़ी से झारखंड के किसी भी कोने में आ और जा सकती हैं. ताज्जुब की बात है कि पुलिस प्रशासन को भी इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. बेरोक-टोक उन्हें बिना नंबर की गाड़ी के कहीं भी आने-जाने की छूट है. लेकिन यही काम कोई आम आदमी करे तो पुलिस का अदना सा पदाधिकारी भी उन्हें पूरी आइपीसी की धारा पढ़ा देगा.

इसे भी पढ़ें – मुस्लिम समुदाय को ईद का तोहफाः 55 करोड़ की लागत से तैयार हज हाउस का सीएम ने किया लोकार्पण

हज हाउस के बाहर बिना नंबर के किसकी है ये स्कॉर्पियो

रांची के कडरू में हज हाउस के उद्घाटन का प्रोग्राम था. उद्घाटन समारोह में सूबे के मुखिया रघुवर दास चीफ गेस्ट थे. मौके पर रांची के विधायक, सांसद संजय सेठ और ब्यूरोक्रेसी के संबंधित अधिकारी मंच पर मौजूद थे. हज हाउस का हॉल खचाखच भरा हुआ था. उसी वक्त बाहर एक सफेद रंग की स्कॉर्पियो खड़ी थी.

स्कॉर्पियो में आगे नंबर प्लेट की जगह प्रदेश प्रवक्ता भारतीय जनता पार्टी झारखंड प्रदेश का बोर्ड लगा हुआ था. लोगों में कौतुहल का विषय था कि आखिर बीजेपी में ऐसा कौन प्रदेश प्रवक्ता है, जिसे नंबर प्लेट लगाने की जरूरत ही नहीं पड़ती. वैसे कहा जा रहा है कि हज हाउस के उद्घाटन वाले कार्यक्रम में बीजेपी की एक ही प्रदेश प्रवक्ता मौजूद थीं. वो थीं पाकुड़ ईलामी पंचायत की मुखिया मिसफिका हसन. मामले में उनका पक्ष जानने के लिए न्यूज विंग की तरफ से दो बार फोन किया गया था, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया.

प्रदेश प्रवक्ता का ये बिना नंबर वाला स्कॉर्पियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. We are Ranchi नाम के फेसबुक पेज और ट्विटर पर फोटो डालते ही फोटो खूब वायरल होने लगा.

इसे भी पढ़ें – ओडिशा : फोनी की तबाही के एक महीने बाद भी अंधेरे में रह रहे 1.64 लाख परिवार

अरगोड़ा सीओ को भी नहीं है कानून की फ्रिक

हज हाउस के बाहर सिर्फ बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता के स्कॉर्पियो पर ही नंबर प्लेट नहीं था, ऐसी बात नहीं. एक प्रशासनिक गाड़ी पर भी नंबर प्लेट नहीं लगा हुआ था. नंबर की जगह अरगोड़ा सीओ का नेम प्लेट लगा हुआ था. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या ऐसा करना अपने पद का दुरुपयोग नहीं है. तो क्या रांची जिला प्रशासन उनपर कार्रवाई करेगा. हालांकि कार्रवाई होगी इसकी उम्मीद काफी कम ही है.

इसे भी पढ़ें – सड़क हादसे में घायल लोगों को तत्काल चिकित्सा मुहैया कराने के लिए हाइवे पर 50 किमी. पर तैनात हो पारा मेडिकल कर्मियों से लैस एंबुलेंस : मुख्य सचिव

Related Articles

Back to top button