
Palamu : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने अपने कड़े तेवर का परिचय देते हुए घोषणा कर दी कि बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले पत्थरबाज तथाकथित आंदोलनकारी शिक्षकों को बर्खास्त कर नये युवा शिक्षकों की बहाली की जाएगी. पारा शिक्षक आंदोलन के नाम पर गुंडागर्दी कर रहे हैं और गुंडों से यह उम्मीद कभी भी नहीं की जा सकती कि वे हमारे भोले-भाले बच्चों का भविष्य गढ़ेंगे.
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पारा शिक्षकों की कई मांगे सरकार ने स्वीकार कर ली है
झारखंड के मुख्यमंत्री सोमवार को पलामू पुलिस स्टेडियम में जिला प्रशासन द्वारा आयोजित पलामू प्रमंडलीय ‘चौपाल’ में बोल रहे थे. दास ने कहा कि हमारी सरकार ने उनके मानदेय में वृद्धि करने की घोषणा एक सप्ताह पूर्व ही कर दी थी. उनकी कई अन्य मांगों को भी स्वीकार कर लिया गया था, लेकिन उसके बाद झारखंड स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर उपद्रव मचाने की क्या तुक थी.
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सरकार को ब्लैकमेल कर रहे हैं पारा
पारा शिक्षक या दूसरे आंदोलनकारी हमें ब्लैकमेल करने का कुप्रयास बंद करें. जनता इनकी हरकतों को देख रही है और इनको लोग माफ नहीं करेंगे. दास ने कहा कि इन पत्थरबाज शिक्षकों को विपक्ष हवा दे रहा है, लेकिन जब ये हवाबाज नेता सता में थे तो पारा शिक्षकों की मांगों को पूरा क्यों नहीं किया.
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पारा शिक्षकों की मनमानी बर्दाश्त नहीं करेगी सरकार
उन्होंने स्पष्ट लहजे में कहा कि पारा शिक्षक जल्द से जल्द अपने विद्यालय लौटें, अन्यथा सरकार कठोर निर्णय लेगी और उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जायेगा. सीएम ने कहा कि सरकारी विद्यालय में गरीब के बच्चे पढ़ते हैं, उन्हें गुणवतायुक्त शिक्षा देना हमारी सरकार की जवाबदेही है. प्रायः यह देखा जाता है कि साल में 365 दिन पारा शिक्षक प्रदर्शन करते हैं, फिर उन्हें बताना होगा कि आखिर आप पढ़ाते कब हैं, ऐसा नहीं चलेगा. रघुवर दास की सरकार मनमानी किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी.




