
- परिजनों का देखा गम और गुस्सा, डीएसपी ने न्याय का दिलाया भरोसा
Ranchi : साहेबगंज एसपी अनुरंजन किस्पोट्टा के निर्देश पर डीएसपी प्रमोद कुमार मिश्र सोमवार की दोपहर मृतका थानेदार रूपा तिर्की के तिलता बगीचा स्थित आवास पहुंचे. यहां उन्होंने पीड़ित परिवार का बयान कलमबद्ध किया. इस दौरान परिजनों ने उनके समक्ष गम और गुस्से का इजहार किया. उन्हें ग्रामीणों से भी खरी खोटी सुननी पड़ी. उन्होंने लोगों को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया और रूपा के कथित ब्वायफ्रेंड शिवकुमार की गिरफ्तारी की जानकारी दी. लेकिन, लोग इससे संतुष्ट नहीं दिखे. वह रूपा की हत्या और इसके बाद उसके शव को रस्सी से बांध पंखे में लटका दिये जाने का आरोप लगा रहे थे. इस पर उन्होंने कहा कि पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है. डीएसपी ने कहा कि अनुसंधान कार्य में कोई कोताही नहीं की जायेगी. मृतका के पिता देवानंद तिर्की व मां पद्मावती उरांव समेत परिवार के अन्य सदस्यों ने डीएसपी से कई सवाल किये. जैसे ही वह बाहर निकले, वहां सैकड़ों की संख्या में मौजूद स्थानीय ग्रामीणों का उन्हें भारी विरोध का सामना करना पड़ा. लोग एसआइटी जांच को खारिज करते हुए सीबीआइ से घटना की जांच कराने की मांग करने लगे. उन्होंने डीएसपी गो-बैक के भी नारे लगाये.
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जानें क्या थे सवाल
श्री मिश्र से पूछा गया कि घटना के बाद परिजनों को घटना की सूचना क्यों नहीं दी गयी. सुसाइड के समय रूपा के कमरे का दरवाजा खुला कैसे था. पोस्टमार्टम के उपरांत उसके शव को वहां मौजूद परिवार को सुपुर्द क्यों नहीं किया गया. उनके समक्ष मनीषा और ज्योत्स्ना को पूछताछ के लिए क्यों नहीं बुलाया गया. यह सुन कर डीएसपी के पसीने छूटने लगे. मौके पर रातू के थानेदार राजीव रंजन लाल भी थे.
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