
Dhanbad: सिंदरी में अवैध अतिक्रमण और पीपी कोर्ट के नोटिस से परेशान लोगों ने आखिरकार कानूनी प्रक्रिया अपनाने पर एक मत बना लिया है. सिंदरी के लोगों का मानना है कि एफसीआई प्रबंधन के तुगलकी फरमान का जबाव कानूनी दांव पेंच के साथ सड़क से सदन तक आंदोलन कर के दिया जाएगा. लोगों का कहना है कि सिंदरीवासियों को एकजुटता का परिचय वर्ष 2003 की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति की तरह पुनः करने की आज जरुरत है.
शुक्रवार की देर शाम सिंदरी टाउन के मध्य स्थिति शहरपुरा कॉलोनी के मीरा मोहन उद्यान में सिंदरी के सभी वर्ग एवं सभी समुदाय के बुद्धिजीवियों ने एक आपत बैठक का आयोजन किया. बैठक में शहरपुरा बाजार के व्यवसायी, एफसीआई के वीएसएस कर्मी, रिटायर बैंक कर्मी, अधिवक्ता, पत्रकार, युवा, महिला शामिल हुए. एक मत होकर निर्णय लिया गया कि पीपी कोर्ट नोटिस का जबाव सामुहिक रूप से अधिवक्ता के माध्यम से दी जाएगी. पीपी कोर्ट में टाइम पेटिशन फाइल किया जाएगा. आह्वान किया गया कि वैसे सिंदरी के लोग जो एफसीआई प्रबंधन और बिचौलियों के बहकावे में आकर पीपी कोर्ट में हाजिर हो चुके हैं या होना चाहते हैं उन्हें भी साथ लेकर लड़ाई लड़ी जाएगी.
सिंदरी के बुद्धिजीवियों ने शुक्रवार को जनता श्रमिक संघ के संयुक्त महामंत्री लक्की सिंह के नेतृत्व में कानूनी सलाहकारों के साथ शनिवार, 22 जुलाई को सुबह 11 बजे एफसीआई गेट पर जुटेंगे और दो अधिवक्ता सहित तीन सदस्यीय टीम पीपी कोर्ट में करीब पांच सौ नोटिसदारों की ओर से सामूहिक टाइम पेटिशन दाखिल करेंगे. शुक्रवार की बैठक में सिंदरी के बुद्धजीवियों ने अपना अपना वक्तव्य देकर टेक्निकल प्वाइंट एवं कानूनी पेंच को बारीकी समझा और विचार व्यक्त किया. कहा कि एक पीटीशन द्वारा इकलौते तौर पर पीपी एक्ट कोर्ट से समय लिया जा सकता है. वहीं सामूहिक रूप से पीटीशन देने से मजबूती बनेगी.
लक्की सिंह ने सिंदरी के दुकानदारों व निवासियों से अपील किया है कि शनिवार को ग्यारह बजे सुबह एफसीआईएल प्रशासनिक भवन पहुंचकर शांतिपूर्ण ढंग से एकजुटता का परिचय दें. बैठक में अधिवक्ता जयदेव मिश्रा, अधिवक्ता नीरज सिंह, रिटायर निगम अधिकारी ओमप्रकाश सिंह, पूर्व पार्षद दिनेश सिंह, विद्यापति परिषद सिंदरी के विशिष्ट सदस्य व धनबाद के वरिष्ठ पत्रकार मनोज मिश्र, पत्रकार अजय उपाध्याय, पत्रकार राहुल पांडेय, पूर्व एफसीआई इंप्लाइज इंद्रमोहन सिंह के अलावे रवि शर्मा, शशि सिंह, मुरारी सिंह, अजय सिंह, मृत्युंजय प्रसाद, सागर हुसैन, उमेश प्रसाद, अनूप सिंह, गुड्डू कुमार, धनंजय प्रसाद, मनोज सिंह, जयमंगल सिंह, चंद्रावती देवी सहित कई अन्य सिंदरी के दुकानदार शामिल रहे.
यहां बता दें कि आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि एफसीआईएल के ओएसडी एसएस शेखावत के निर्देश पर बेदखली का नोटिस जारी किया गया है, जिन्होंने 14 अगस्त 22 को सिंदरी का दौरा किया था. एफसीआईएल की जमीन, क्वार्टर और अनधिकृत निर्माण पर अतिक्रमण को देखने के बाद उन्होंने इसे गंभीरता से लिया और स्थानीय प्रबंधन से इसे खाली कराने को कहा.
मालूम हो कि एफसीआई सिंदरी, जिसने दिसंबर 2002 में प्लांट बंद कर दिया था, की टाउनशिप में 8,500 से अधिक विभिन्न प्रकार के क्वार्टर हैं, जिनमें से 1,400 क्वार्टर इसके वीएसएस कर्मचारियों को 11 महीने की लीज पर दिए गए थे, जबकि अनधिकृत व्यक्तियों ने लगभग 6,000 क्वार्टरों पर कब्जा कर लिया है. वहीं 1019 दुकानदारों एवं झुग्गी झोपड़ी वाले को बेदखल करने का नोटिस जारी किया गया है.




