
Ranchi : 12 मार्च को मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना को कैबिनेट की मंजूरी मिली. इसके बाद श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग की ओर से 19 मार्च को इस योजना का संकल्प जारी किया गया. एक अप्रैल से आवेदन करने की बात कही गयी. लेकिन योजना की मंजूरी को दो माह होने को है, आवेदन शुरू नहीं हो पाया है. यह कब शुरू होगा इसकी जानकारी भी पदाधिकारी देने से बच रहे हैं. श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग के पास न तो इस योजना का लाभ लेने वालों का डाटा है और न ही इसके लिए बजट दिया गया है.
आसान नहीं है आवेदन से लेकर वैरिफिकेशन
विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इस मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना के लिए आवेदन और आवेदन के बाद वैरिफिकेशन का काम आसान नहीं है. दरअसल इस योजना से आठ विभाग जुड़े हुए हैं. हर विभाग कोई न कोई प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाता है. संबंधित विभाग की जिम्मेदारी है कि वे अपने यहां के प्रशिक्षण कार्यक्रम के स्टूडेंट्स से एप्लीकेशन लें. उनके आवेदन की स्क्रूटनी करें और श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग को उपलब्ध करायें.
सब रिजनल इंप्लॉयमेंट एक्सचेंज रांची की इंप्लॉयमेंट ऑफिसर नीरू कुमारी ने बताया कि पूरी प्रक्रिया उलझी हुई है. जब तक सारा डेटा एक जगह जमा नहीं हो जाता है तब तक उपायुक्त की अध्यक्षता में बनी कमिटी उसे पास नहीं कर सकेगी. अभी स्थिति यह है कि किसी भी विभाग ने प्राथमिक स्तर पर एप्लीकेशन शुरू किया ही नहीं है.
डीसी की अध्यक्षता वाली कमिटी करेगी जांच
योजना के तहत सहायता राशि का लाभ सही लाभुकों को मिले,इसके लिए राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण उपबंध किये है. बेरोजगारों द्वारा जो दस्तावेज उपलब्ध करायी जाएगी,उसकी जांच डीसी की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय कमिटी करेगी. जांच समिति में सदस्य के तौर पर डीडीसी,जिला कौशल पदाधिकारी,जिला शिक्षा पदाधिकारी होंगे. वहीं सदस्य सचिव के तौर पर जिला नियोजन पदाधिकारी होंगे.
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ये दस्तावेज हैं आवेदन के लिए जरूरी
अभ्यर्थी का बैंक में खाता (खाता नंबर) होना अनिवार्य है.
आवेदक का बैंक अकाउंट आधार से निश्चित तौर पर लिंक होना चाहिए.
आवेदक अपना मोबाइल नंबर तैयार रखें.
आवेदन के लिए आधार कार्ड जरूरी.
अभ्यर्थी के पास सरकारी संस्थान का तकनीकी योग्यता प्रमाण पत्र होना जरूरी
आवेदकों को अपने स्थायी पता का प्रमाण पत्र, स्थानीयता प्रमाण पत्र देना जरूरी
आवेदक झारखंड के स्थानीय निवासी होने पर ही बेरोजगारी भत्ता के हकदार होंगे
आवेदक स्पेशल कैटेगरी से हों, तो उन्हें विधवा, परित्यक्ता, आदिम जनजाति, दिव्यांग आदि का प्रमाण पत्र देना होगा
बेरोजगारी भत्ता के लिए नियोजनालय का रजिस्ट्रेशन नंबर जरूरी
तीन साल पुराना होने पर नवीकरण आवश्यक है
अभ्यर्थियों को यह शपथ पत्र देना होगा, जिसमें उसके किसी रोजगार से नहीं जुड़ने और स्वरोजगार नहीं करने की सत्यता प्रमाणित की गई हो.
मिलेगा क्या
इस योजना के तहत राज्य में तकनीकी रूप से प्रशिक्षित और नेशनल स्किल डेवलपमेंट एजेंसी से प्रमाणित वैसे बेरोजगार, जो किसी भी रोजगार या स्वरोजगार में नहीं हैं, उन्हें यह भत्ता दिया जाएगा. भत्ता 5000 रुपये होगा, जो साल में एक बार मिलेगा. वहीं विधवा, परित्यागता, दिव्यांग, आदिम जनजाति को 50 प्रतिशत अतिरिक्त यानी 7,500 रुपये बतौर प्रोत्साहन दिया जाएगा. भत्ता श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग की ओर वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान दिया जाएगा.
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