JharkhandLead NewsNEWSRanchiTOP SLIDER

डॉक्टर  सिराजुद्दीन की मौत से जूनियर डॉक्टरों में आक्रोश, सीएम व स्वास्थ्य मंत्री को लिखा पत्र

जूनियर डॉक्टर्स की मांग, हेल्थ वर्कर्स के इलाज का हो प्रॉपर इंतजाम, नहीं तो विरोध

Ranchi: इलाज के दौरान रिम्स के जूनियर डॉक्टर  सिराजुद्दीन की मौत के बाद जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन(जेडीए) आक्रोशित है. इलाज के लिए रिम्स में प्रॉपर व्यवस्था ना होने के कारण अब जूनियर डॉक्टरों ने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखकर अपनी मांग रखी है. साथ ही चेतावनी दी है कि यदि  72 घंटे के अंदर मांग पर सरकार की ओर से कोई एक्शन नहीं लिया जाता है तो जूनियर डॉक्टर अपना विरोध दर्ज कराएंगे.

 

जेडीए का कहना है कि सरकार हेल्थ वर्कर्स के हित का ध्यान रखे और उनके इलाज की बेहतर व्यवस्था की जाए. जेडीए ने कहा की जूनियर डॉक्टर सिराजुद्दीन की तबीयत खराब होने के बाद रिम्स के ट्रामा सेंटर ले जाया गया था. जहां बेड खाली नहीं होने की स्थिति में आलम अस्पताल में शिफ्ट किया गया. इसके बाद वहां से बेहतर इलाज के लिए मेडिका हॉस्पिटल ले जाया गया.  अगर रिम्स में ईसीएमओ मशीन होती तो इलाज के लिए कहीं और नहीं ले जाना पड़ता.

 

ये हैं जेडीए की मांगें

  1. कोरोना संक्रमण से देहांत के बाद फ्रंटलाइनर्स स्वास्थकर्मियों के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाये
  2. कोरोना संक्रमित स्वास्थकर्मी के इलाज का खर्चा स्वास्थ्य बीमा के द्वारा झारखंड सरकार वहन करे
  3. कोरोना की ड्यूटी में लगाए गए डाक्टरों को सप्ताह में अधिकतम 48 घंटे ही काम कराया जाये. जैसा कि उच्चतम न्यायालय और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार का आदेश है. साथ ही साथ कोरोना ड्यूटी की पश्चात उनको समुचित क्वारेंटाइन दिया जाये
  4. अभी तक 40 से 50 प्रतिशत डॉक्टर और उनके परिवार कोरोना का इलाज करते हुए संक्रमित हो चुके हैं, आर्थिक तंगी हमें भी हो रही है. इसलिए डॉक्टरों के बकाया राशि (एरियर और प्रोत्साहन राशि) का यथाशीघ्र भुगतान करे.
  5. अभी के महामारी की स्थिति को देखते हुए रिम्स में इसीएमओ मशीन की यथाशीघ्र व्यवस्था की जाये

Related Articles

Back to top button