
Kolkta : पश्चिम बंगाल विधान सभा चुनाव (West Bengal Assembly Election) में नंदीग्राम सीट पर हुए सबसे जबरदस्त मुकाबले में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) को हराने वाले शुवेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) का सियासी कद बंगाल की राजनीति में काफी बढ़ गया. भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उन्हें बड़ी जिम्मेदारी दी है. चूंकि भाजपा विधानसभा चुनाव में टीएमसी के बाद सबसे अधिक 77 सीटें जीतकर मुख्य विपक्षी दल की भूमिका में आ गयी है. अब बीजेपी ने शुभेंदू को विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है.
इससे पहले शुवेंदु अधिकारी के अलावा बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष दिलीप घोष और मुकुल रॉय के नाम पर भी चर्चा हो रही थी.
1956 वोटों से हराया था ममता को
पश्चिम बंगाल की चुनावी लड़ाई में शुवेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) टीएमसी सुप्रीमो और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) को मात दी थी. चुनाव आयोग (Election Commission) के आंकड़ों के मुताबिक, नंदीग्राम सीट से शुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को 1956 वोटों से हराया था. चुनाव में शुवेंदु अधिकारी को कुल 109673 वोट मिले, जबकि ममता बनर्जी को 107937 वोट मिले थे.
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बीजेपी ने हासिल की हैं 77 सीटें
बता दें कि पश्चिम बंगाल में विधान सभा की 294 सीटों में से 292 सीटों पर 8 चरणों में मतदान हुए थे. 2 मई को मतगणना में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 77 सीटों पर जीत दर्जी की थी, जबकि पिछले विधान सभा चुनाव में उसके हिस्से में सिर्फ 3 सीटें आई थीं. वहीं तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने 213 सीटों पर जीत हासिल की थी और बहुमत हासिल किया था. वहीं लेफ्ट और अन्य को 1-1 सीट मिली है. दो सीटों पर उम्मीदवारों की मौत की वजह से चुनाव नहीं हुए थे और उन सीटों पर 16 मई को वोट डाले जाएंगे.
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