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पलामू: पांच वर्ष से नहीं मिला मानदेय, मुख्यमंत्री को भी लिखा पत्र, फिर भी नहीं मिला, हार कर पारा शिक्षक ने की आत्मदाह की कोशिश

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Palamu: पिछले पांच वर्ष से मानदेय नहीं मिलने से क्षुब्ध एक पारा शिक्षक ने मंगलवार को समाहरणालय परिसर में आत्मदाह करने की कोशिश की. हालांकि समय रहते उसे बचा लिया गया. शहर थाना की पुलिस ने पारा शिक्षक को हिरासत में ले लिया है.

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2014 से नहीं मिल रहा पारा शिक्षक को मानेदय

छत्तरपुर प्रखंड के सहसरवा पूर्वी टोला स्थित न्यू प्राथमिक विद्यालय के पारा टीचर अजीत कुमार को पिछले पांच वर्ष से मानदेय नहीं मिल रहा है. उसके साथी पारा शिक्षकों को कई बार मानदेय भुगतान किया गया, लेकिन उसे भुगतान से वंचित रखा गया. पारा शिक्षक ने समाहरणालय परिसर में चीख-चीख कर आरोप लगाया कि क्षेत्र के बीइइओ जय कुमार तिवारी मानदेय भुगतान के एवज में उससे रिश्वत के रूप में आधा मानदेय मांगते हैं. नहीं देने पर भुगतान लटकाये रखा है. आर्थिक स्थिति लगातार खराब रहने के कारण पत्नी की हादसे में गंभीर रूप से घायल हो जाने के बाद उसका इलाज नहीं करा पाया. नतीजतन उसकी मौत हो गयी.

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मुख्यमंत्री को भी लिखा था पत्र

उन्होंने कहा कि पारा शिक्षक ने कहा कि मानदेय भुगतान को अकारण लटकाये रखने के कारण आत्मदाह ही एकमात्र उपाय रह गया था. पारा शिक्षक ने बताया कि मानदेय भुगतान के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री को भी पत्र लिखा था. पत्र में कहा है कि नवम्बर 2007 से मार्च 2014 तक उन्हें मानदेय मिलता रहा और अप्रैल 2014 से अभी तक मानदेय भुगतान नहीं किया गया है. ऐसे में उसके परिवार के समक्ष भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गयी है.

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रिश्वत के रूप में आधा मानदेय मांगने का आरोप

उन्होंने कहा कि प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी से हमेशा मानदेय भुगतान कराने की मांग की, लेकिन उनके द्वारा टालमटोल की नीति अपनायी जाती रही. आरोप है कि बीइइओ ने उक्त पारा टीचर से कहा कि मानदेय का भुगतान तभी किया जायेगा, जब वह मानदेय की राशि का आधा उन्हें रिश्वत के रूप में दे देगा. पारा टीचर ने कहा कि वर्ष 2018 में बाइक दुर्घटना में उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गयी थी, जिसका पैसे के अभाव में उचित इलाज नहीं होने के कारण मौत हो गयी.

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मामले की जांच कर किया जायेगा भुगतान

घटना के दौरान समाहरणालय परिसर में खड़े बीइइओ जय कुमार तिवारी ने बताया कि मानदेय भुगतान मामले की जांच की जायेगी. किसी वजह से भुगतान रुका हुआ था. जब अन्य पारा शिक्षकों को मानदेय दिया गया है, तो इनका भी होना चाहिए. मामला गंभीर है, जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है.

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ऐसी स्थिति न बने, ठोस पहल की जायेः किशोर

अभिभावक संघ के अध्यक्ष सह अधिवक्ता किशोर पांडेय ने इस घटना पर चिंता व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए इस दिशा में ठोस पहल की जाये. पारा शिक्षक हों या फिर सरकारी शिक्षक, अगर कोई काम करता है तो उसको मानदेय या वेतन हर हाल में मिलना चाहिए. सरकार और प्रशासन को इस दिशा में संजीदगी दिखानी चाहिए.

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पारा शिक्षक को मिले पूरा न्यायः मोर्चा

पारा शिक्षक द्वारा आत्मदाह की कोशिश किये जाने की घटना को एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. संघ के पलामू जिला अध्यक्ष मिथिलेश उपाध्याय ने कहा कि प्रभावित पारा शिक्षक को त्वरित न्याय मिलनी चाहिए. इस घटना में शिक्षा विभाग के अधिकारियों की घोर लापरवाही सामने आयी है. अगर पारा शिक्षक सेवा देते हैं तो उन्हें मानदेय पाने का पूरा अधिकार है.

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