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बहुचर्चित अलकतरा घोटाले में दोषी ठहराये गये तीनों इंजीनियरों को तीन साल की सजा

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Ranchi:  सीबीआई की विशेष अदालत में मंगलवार को चर्चित अलकतरा घोटाले के मामले में सुनवाई हुई. अलकतरा घोटाले के मामले में सीबीआई के विशेष जज एसके पांडेय की अदालत ने सिमडेगा ग्रामीण कार्य विभाग के तत्कालीन 3 इंजीनियर उपेंद्र कुमार सिंह, उमेश पासवान और राजबली राम को सजा को तीन-तीन साल की सजा और 1.25 लाख रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है. जुर्माना नहीं देने पर 6 महीने की अतिरिक्त सजा होगी. बता दें राजबली राम सेवानिवृत्त हो चुके हैं. वहीं एक अन्य आरोपित क्लासिक कोल कंपनी के तत्कालीन एमडी पवन कुमार सिंह का निधन हो चुका है.

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 तीनों इंजीनियर पाये गये थे दोषी

सीबीआइ के विशेष जज एसके पांडेय की अदालत ने 25 मई 2019 को हुई सुनवाई में अलकतरा घोटाला मामले में तीन इंजीनियरों को दोषी ठहराया था. इस मामले में क्लासिक कोल के पवन कुमार सिंह भी आरोपित थे, लेकिन ट्रायल के दौरान उनकी मौत हो गयी है. इस मामले में पूर्व में दोनों पक्षों की ओर से बहस पूरी हो गयी, जिसके बाद अदालत ने अभियुक्तों को दोषी ठहराया था.

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 एक कंपनी को अवैध लाभ पहुंचाया गया था

सीबीआई की विशेष अदालत में शनिवार को चर्चित अलकतरा घोटाला मामले में सुनवाई हुई थी. इस मामले में ग्रामीण कार्य विभाग के तत्कालीन तीन इंजीनियर उपेंद्र कुमार सिंह, उमेश पासवान और राज बली राम आरोपित थे. वहीं कंपनी के तत्कालीन एमडी पवन कुमार सिंह का निधन हो चुका है. राजबली राम सेवानिवृत्त हो चुके हैं. आरोपित अभियंताओं के खिलाफ जालसाजी करके कंपनी को नाजायज फायदा पहुंचाने का आरोप लगा था.

 क्या है मामला

मिली जानकारी के अनुसार आरोपी अभियंता ने 267 में मैट्रिक टन अलकतरा के बदले करीब एक करोड़ 22 लाख रुपया सप्लायर कंपनी को पेमेंट कर दिया था. विभिन्न चालान के माध्यम से यह पैसा कंपनी को भुगतान किया गया था. ऑडिट रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ तो इसकी जांच सीबीआई को सौंपी गयी. आरोप साबित करने के लिए अभियोजन पक्ष की ओर से 17 गवाह पेश किए गये थे, जबकि आरोपी पक्ष ने अपने पक्ष ने 4 गवाह पेश किये थे. अदालत ने दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद अदालत ने यह फैसला सुनाया.

 पूर्व मंत्री इलियास हुसैन को मिली चुकी है सजा

फरवरी 2019 में सीबीआइ की विशेष अदालत ने बिहार के पूर्व इलियास हुसैन को पांच साल की सजा सुनाई थी. अदालत ने मंत्री सहित सात लोगों को सजा सुनायी थी. अदालत ने सभी को 1.57 करोड़ रुपये के अलकतरा घोटाला करने का दोषी पाया था. दरअसल वर्ष 1994 में रोड डिवीजन की ओर से चतरा में सड़कों का निर्माण किया जा रहा था. इसके लिए हल्दिया ऑयल रिफाइनरी, कोलकाता से अलकतरा आना था, लेकिन मंत्री और इंजीनियरों ने कंपनी से सांठगांठ कर सरकार को नुकसान पहुंचाया गया था.

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