
Palamu: राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना को प्रभावी बनाने के लिए व्यापक व्यवस्था की बात की जाती है, लेकिन कभी पीडीएस डीलर तो कभी इंटरनेट में खामियों के कारण अनाज वितरण नहीं हो पाता.
पलामू और लातेहार के सीमावर्ती पांकी प्रखंड के सुदूरवर्ती रतनपुर पंचायत के ग्राम इरगु के ग्रामीणों को इंटरनेट सेवा नहीं रहने पर पीडीएस का खाद्यान्न नहीं मिल पाता.
पांकी प्रखंड मुख्यालय से लगभग 25 किलोमीटर दूर सुदूरवर्ती रतनपुर पंचायत के ग्राम इरगु के ग्रामीण समय पर राशन नहीं मिलने से काफी परेशान हैं.
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दर्जनों राशन कार्डधारी राशन लेने के लिये अपने गांव इरगु से बिहरा अपने जन वितरण दुकानदार अशोक भारती के यहां गये थे, लेकिन उन्हें बगैर राशन लिये वापस लौटना पड़ा.
जन वितरण दुकानदार के द्वारा बताया गया कि नेट नहीं काम कर रहा है.
इस संबंध में जगमनिया देवी, बसंती देवी, सरिता देवी, सकुन्ती देवी, कलावती देवी, कमोदवा देवी, शनिचरी देवी, सरिता देवी, बिगनी देवी, तपेश्वर उरांव, पनवा देवी, चिन्ता देवी, तारो देवी, सुरती देवी, जमुनी देवी, कुंती देवी, महादेव उरांव सहित कई लोगों ने बताया कि इस समस्या से हमलोगों को बराबर दो-चार होना पड़ता है.
यहां इंटरनेट काम नहीं करता है. सुबह सात बजे से हमलोग बैठे-बैठे अन्ततः निराश होकर घर लौट गये.
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आदिवासी बहुल इलाका है इरगु
बताते चलें कि यह काफी दुरूह और नक्सल प्रभावित क्षेत्र है. राशन उठाव के लिये अंगूठा लगाने पहाड़ पर भी कभी कभी जाना पड़ता है.
इरगु गांव में सिर्फ आदिवासी, खरवार और परहिया आदिम जनजाति के लोग निवास करते हैं. इस समाज के लोगों के जीवन स्तर में बदलाव को लेकर कई योजनायें चलायी जाती हैं, इसके बावजूद इनके जीवन स्तर में कोई परिवर्तन नहीं दिखता.
बुनियादी सुविधाओं से महरूम है गांव
रतनपुर पंचायत का इरगु गांव पहाड़ के नीचे बसा है. आज भी यह गांव बुनियादी सुविधाओं से महरूम है. पीने को स्वच्छ पानी भी यहां के लोगों को नसीब नहीं है.
आजादी के सत्तर वर्ष बीत जाने के बाद भी लोग पानी, बिजली, सड़क के लिये परेशान हैं. गांव में कहीं भी सड़क नहीं है. पगडंडियों के सहारे ही गांव में लोग आते जाते हैं.
बराबर रहती है इंटरनेट की समस्या: मुखिया
रतनपुर पंचायत के मुखिया सूरत उरांव ने बताया कि इंटरनेट की समस्या यहां बराबर बनी रहती है. यह गांव चारों ओर पहाड़ से घिरा है.
इंटरनेट नहीं काम करता है जिसके कारण लाभुक को राशन मिलने में परेशानी होती है. ऐसे क्षेत्रों के लिए सरकार कोई वैकल्पिक व्यवस्था करे, ताकि लोगों को समय पर राशन मिल सके.
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