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बिना प्रोफेसर के चल रहे हैं डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विवि के 28 विभाग

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Ranchi: डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विवि रांची कॉलेज को अपग्रेड कर बनाया गया है. यहां विभिन्न विषयों के 28 विभाग हैं. यूजीसी की गाइडलाइन के अनुसार विवि के एक विभाग के संचालन में कम से कम एक प्रोफेसर, 2 एसोसिएट्स प्रोफेसर और 4 असिस्टेंट प्रोफेसर होने चाहिए.

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विवि के 28 विभाग बिना प्रोफेसर के चल रहे हैं. एसोसिएट्स और असिस्टेंट प्रोफेसर के भरोसे यहां के 8000 के करीब छात्र पढ़ाई कर रहे हैं.

इस विवि की स्थापना के समय रांची कॉलेज में कार्यरत शिक्षकों को डीएसपीएमयू का शिक्षक बनाया गया था. डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विवि में प्रोफेसर के 29, एसोसिएट प्रोफेसर के 58 और असिस्टेंट प्रोफेसर के 116 पद स्वीकृत हैं. जिसमें से अभी 69 शिक्षक ही कार्यरत हैं.

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सोशियोलॉजी व ओड़िया में एक भी शिक्षक नहीं

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विवि के 28 विभाग में सोशियोलॉजी व ओड़िया दो ऐसे विभाग हैं, जो बिना शिक्षक के चल रहे हैं. इसके अलावा अन्य विभाग में भी शिक्षकों की भारी कमी है. अन्य विभाग में शिक्षकों की बात करें तो एंथ्रोपोलॉजी में 4, बांग्ला में 1, बॉटनी में 8, केमिस्ट्री में 5, इकोनॉमिक्स में 2, ज्योग्राफी में 4, हिंदी में 3, हिस्ट्री में 4, फिलॉसफी में 2, मैथ्स में 2, पॉलिटिकल साइंस में 4, साइकोलॉजी में 4, संस्कृत में 2, ट्राइबल लैंग्वेज में 6, ऊर्दू में 1 और जूलॉजी में 9 शिक्षक कार्यरत हैं.

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तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के कर्मियों की भी है कमी

विवि में गैर शिक्षकेतर कर्मचारियों की भी कमी है. विश्वविद्यालय के लिए कुल 277 लोगों की आवश्यकता है. शिक्षकों के अलावा तृतीय श्रेणी में 53 कर्मचारियों के पद स्वीकृत हैं. जिनमें से 26 कार्यरत हैं और 27 पद रिक्त हैं. इसी तरह चतुर्थ वर्ग में 95 पद स्वीकृत हैं. 40 लोग कार्यरत हैं और 55 पद रिक्त हैं.

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