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जानें किस आधार पर मोमेंटम झारखंड घोटाले में रघुवर दास के अलावा चार IAS को बनाया गया है आरोपी

Akshay Kumar Jha

Ranchi: 14 सितंबर 2018 को मोमेंटम झारखंड मामले में पीआइएल की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस अनिरुद्ध बोस और जस्टिस डीएन पटेल की बेंच ने याचिकाकर्ता दीवान इंद्रनील सिन्हा (अब स्वर्गीय) को एसीबी में मामला दर्ज कराने का निर्देश दिया था.

लेकिन याचिकाकर्ता दीवान इंद्रनील सिन्हा की अचानक मौत हो जाने से मामला ठंडे बस्ते में चला गया. अब सरकार के बदलते ही मामले ने फिर तूल पकड़ा है. दीवान इंद्रनील सिन्हा के साथी पंकज यादव ने एसीबी को लिखित शिकायत कर मामले में एफआइआर कर जांच करने के लिए आवेदन दिया है.

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हालांकि एसीबी सीधे तौर पर मामला दर्ज नहीं कर सकता. इसके लिए इसे सरकार की मंजूरी चाहिए होगी. लिहाजा एसीबी ने मामले को सक्षम प्राधिकार के पास भेज दिया है.

देखना होगा कि सूबे की नयी सरकार मामले पर क्या करती है. इधर पंकज यादव ने जांच के लिए कई तरह के आधार का हवाला दिया है. जानते हैं कि पंकज यादव ने जांच के लिए किन बातों को आधार बनाया है.

रघुवर दास के अलावा चार IAS को बनाया है आरोपी

पंकज यादव ने जो शिकायत एसीबी को दी है, उसमें साफ तौर से पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के अलावा तत्कालीन मुख्य सचिव राजबाला वर्मा, तत्कालीन उद्योग निदेशक के रवि कुमार, तत्कालीन सीएम के प्रधान सचिव संजय कुमार, सुनील बर्णवाल और सीआइआइ के राहुल सिन्हा को आरोपी बनाया है.

मोमेंटम झारखंड के दो दिवसीय कार्यक्रम के दौरान रांची शहर को दुल्हन की तरह सजाया गया, जिसमें सरकारी पैसे का दुरुपयोग हुआ (कार्यक्रम के दौरान राजधानी की सड़क की रात की फाइल फोटो)

उन्होंने कहा है कि मोमेंटम झारखंड के नाम पर पब्लिक मनी के 100 करोड़ से ज्यादा बर्बाद किए गए हैं. लिहाजा इन सभी पर 406, 409, 468, 469, 471 और 120-B और करप्शन एक्ट 1988 के सेक्शन 13 के तहत मामला दर्ज हो.

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– मोमेंटम झारखंड के नाम पर इन अधिकारियों ने अमेरिका, सिंगापुर, कनाडा, ब्रिटेन, जर्मनी आदि देशों की सैर की, जबकि जिस निवेश के लिए ऐसा इन्होंने किया वो नहीं हो पाया.

– 16 और 17 फरवरी 2017 को मोमेंटम झारखंड का आयोजन झारखंड में हुआ. पहले इस आयोजन का बजट 8.5 करोड़ रखा गया था. जिसे बाद में बढ़ा कर 16.64 करोड़ कर दिया गया. इसके बाद इसका बजट फिर से बढ़ाते हुए 100 करोड़ तक कर दिया गया. ऐसा बिना कैबिनेट की मंजूरी के हुआ. आज तक कैबिनेट से इस बजट को पास नहीं कराया गया है. जबकि इसका पूर्व मंत्री सरयू राय ने कई बार विरोध किया.

मोमेंटम झारखंड कार्यक्रम के लिए उड़ता हाथी को लोगो बनाया गया था (फाइल फोटो).

– बजट 8.5 करोड़ से बढ़ा कर जब करीब 17 करोड़ कर दिया गया तो तत्कालीन उद्योग निदेशक ने इस पर आपत्ति जतायी. ऐसा उन्होंने अपने हिस्से के लिए किया. वो अच्छी तरह से जानते थे कि इस बड़े बजट से उन्हें उनका भी हिस्सा मिलेगा.

– आरोपियों ने यह दावा किया कि मोमेंटम झारखंड का आयोजन करने से राज्य में उद्योग आएंगे. निवेश होगा और लोगों को रोजगार मिलेंगे. निवेश का प्रपोजल करीब 19118 करोड़ का था. इसके लिए करोड़ों रुपए पानी की तरह बहाए गए, लेकिन ना ही निवेश हुआ और ना ही लोगों को रोजगार मिल पाया.

– यह देख कर आश्चर्य होता है कि पिछली सरकार ने यह दावा किया कि 220790 करोड़ का निवेश मोमेंटम झारखंड से हुआ. जबकि जिन उद्योगों की बात की जा रही है वो सालों से झारखंड में काम कर रहे हैं.

– सीआइआइ ने करीब 7.5 करोड़ रुपए Curtain Raiser & Ambassador Meet और रोड शो जैसे आयोजनों के लिए खर्च किए. लेकिन इतनी बड़ी राशि खर्च किए जाने के बाद भी कुछ हासिल नहीं हुआ. ऐसा सिर्फ सीआइआइ को मुनाफा पहुंचाने के लिए किया गया.

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दो दिवसीय कार्यक्रम में मुख्य कार्यक्रम स्थल की फाइल फोटो

– सीआइआइ ने अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी जैसे देशों में जाकर कार्यक्रम किए. जबकि इन देशों को यह भी नहीं पता है कि झारखंड क्या है. ऐसा करके आरोपी रघुवर दास, राजबाला वर्मा, संजय कुमार, के रवि कुमार और सुनील बर्णवाल ने राज्य की जनता को गुमराह किया.

– कई चीजों के बजट में बेतहाशा वृद्धि कर दी गयी. Stationary, Hospitality, Guest management और Travel जैसे आयोजनों में करीब 300 फीसदी की बढ़ोतरी की गयी. Postage & Courier का बजट 7.5 लाख से बढ़कर 15 लाख तक कर दिया गया.

Security & Service का बजट बढ़ाकर 9 लाख से 12.5 लाख कर दिया गया. Photography & Videography का बजट 10 लाख से बढ़ाकर 15 लाख कर दिया गया. ब्रांडिंग का बजट 20 लाख से बढ़ा कर 45 लाख कर दिया गया. Insurance का बजट दो लाख से बढ़ाकर 7.5 लाख कर दिया गया.

– मोमेंटम के आयोजन के लिए चार्टर्ड प्लेन का इंतजाम किया गया था. जिस पर 1.25 करोड़ खर्च हुए. जबकि आयोजन के वक्त 90 फीसदी कुर्सियां खाली थीं. साथ ही उद्योगपति अपने निजी विमान से आए थे.

– निवेशकों ने 4091 एकड़ जमीन निवेश के लिए मांगी. जबकि किसी भी जिला प्रशासन के पास एक साथ इतनी बड़ी मात्रा में जमीन उपलब्ध ही नहीं हैं. आरोपियों ने राज्य की जनता के साथ-साथ उद्योगपतियों को भी ठगने का काम किया.

– मोमेंटम झारखंड के आयोजन के लिए टेम्प्रोरेरी बेसिस पर रांची शहर को करोड़ों रुपए खर्च कर चमकाया गया. जो कि पब्लिक मनी की बर्बादी है.

– 13 कंपनियों ने राज्य में निवेश करने के लिए सरकार के साथ करार किया. लेकिन एक भी कंपनी ने झारखंड में निवेश में रुचि नहीं दिखायी.

कार्यक्रम को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और मोमेंटम झारखंड से पोस्टर-बैनर से पूरी रांची को पाट दिया गया था (फाइल फोटो).

– सुनील बर्णवाल ने तीन कंपनियों को मोमेंटम झारखंड का आयोजन कराने के लिए ठेका दिया. इसमें नॉलेज पार्टनर के नाम पर एर्नस्ट एंड यंग, इवेंट पार्टनर के लिए सीआइआइ और मीडिया मैनेजमेंट के लिए एड फैक्टर को बहाल किया. एर्नस्ट एंड यंग के दस लोगों पर दो साल तक लगातार हर महीने 28,80,000 रुपए खर्च किए गए. सीआइआइ को आयोजन के खर्च का 15 फीसदी दिया गया और मीडिया मैनेजमेंट करने वाले एड फैक्टर को तीन करोड़ रुपए फीस के तौर पर दिए गए.

– सभी आरोपियों के अलावा अजय कुमार और सीएम के बेटे ललित दास को मोमेंटम झारखंड के नाम पर विदेशों का दौरा कराया गया.

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