JharkhandPalamu

पलामू: 18 वर्ष से नहीं बना अमानत बराज, कई मुख्यमंत्री बदले, पूरा नहीं हो सका निर्माण कार्य

Palamu: अल्पवर्षा और बरसात के दिनों में पानी के स्टोरेज का पुख्ता प्रबंध नहीं होने के कारण पलामू जिले में सिंचाई और पेयजल के लिए हर वर्ष हाहाकर मच जाता है. फसलें सूख जाती हैं और पेयजल के लिए लोग भटकते नजर आते हैं. जिले में कई सिंचाई परियोजनाएं शुरू तो हुईं पर कई वर्ष बीत जाने के बाद भी वे पूरी नहीं हो पायी हैं. इनका निर्माण 18-19 वर्ष के बाद भी नहीं हो पाया है.

ऐसी योजनाओं में जिले के पांकी में स्थित अमानत बराज सिंचाई परियोजना भी है. यह योजना पिछले 18 वर्ष से अधूरी पड़ी है. लंबे समय से निर्माण अधूरा रहने के कारण इसकी मशीनरी पडे़-पड़े जंग खा रही है. कई पार्टस तो अनुपयोगी होने के कगार पर पहुंच गये हैं.

इसे भी पढ़ें – NewsWing की खबर पर हुई जांच, DK पांडेय की पत्नी की जमीन की रजिस्ट्री गलत, रद्द होगी जमाबंदी

2001 में मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने रखी थी आधारशिला

अमानत बरात पांकी-प्रखंड मुख्यालय से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. इसकी आधारशिला झारखंड के प्रथम मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने राज्य के तत्कालीन जल संसाधन मंत्री रामचंद्र केशरी, भूमि सुधार, राजस्व, एवं निबंधन मंत्री मधु सिंह की उपस्थिति में वर्ष 2001 में रखी थी. इसको लेकर किसानों एवं पांकीवासियों को उम्मीद जगी थी कि बराज के बन जाने से पांकी सहित आसपास के क्षेत्रों का जलस्तर बढ़ेगा और किसानों को सिंचाई में सहूलियत होगी. पैदावार बढ़ेगी और क्षेत्र में खुशहाली के साथ-साथ किसानों के चेहरे पर मुस्कान होगी, लेकिन बराज का निर्माण अधूरा रहने से लोगों के सपने आज तक अधूरे हैं.

इसे भी पढ़ें – निर्भया हत्याकांड के आरोपी राहुल राय को सीबीआइ ने दोबारा लिया 5 दिनों के रिमांड पर

जनप्रतिनिधियों का नहीं रहा ध्यान

जनप्रतिनिधियों ने भी इस ओर कोई ठोस प्रयास नहीं किया. समय के साथ राज्य में मुख्यमंत्री बदलते गये, लेकिन इसका निर्माण पूरा नहीं हो सका. करोड़ों की लागत से बननेवाली यह परियोजना अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है.

सीएम को ज्ञापन, कार्य पूरा करने का आग्रह

भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की झारखंड मीडिया प्रभारी मंजुलता ने राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास से मुलाकात कर इस परियोजना को पूरा कराने को लेकर ज्ञापन सौंपा. साथ ही इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाने का आग्रह किया, ताकि इसे पूरा किया जा सके. मुख्यमंत्री ने श्रीमती लता को कार्रवाई का भरोसा दिया.

इसे भी पढ़ें – सिविल सेवा की मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए आदिवासी युवाओं को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दे रही है सरकार : मुख्यमंत्री

किसानों को सौगात देने का आग्रह

श्रीमती लता ने मुख्यमंत्री से इस अधरी पड़ी परियोजना को पूरा कर किसानों को सौगात देने की अपील की है. इसकी प्रतिलिपि राज्य के जल संसाधन मंत्री और मुख्य सचिव को भी सौंपी है. अगर समय से यह परियोजना पूरी हो जाती तो आज पांकी की तस्वीर कुछ और होती.

इसे भी पढ़ें- मुसीबत : धरने पर बैठी NRHM की अनुबंध कर्मियों से बात करने पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री

अमानत नदी पर है यह परियोजना

अमानत नदी पर स्थित यह परियोजना के भीतरी हिस्सों में नहीं के बराबर कार्य हुए हैं. बराज में फाटक तो लग चुका है, लेकिन इसके डूब क्षेत्र में पड़नेवाले लोगों को आज तक पूरा मुआवजा नहीं मिल पाया है. यहां से निकलने वाले कैनाल का भी कार्य नहीं हो पाया है. अगर फाटक बंद कर दिया जाता है तो पानी को गंतव्य तक पहुंचने के लिए कैनाल नहीं बन पाया है. इन्हीं सब अड़चनों के कारण यह परियोजना अधूरी है.

इसे भी पढ़ें – मात्र एक खीरा चोरी करने के आरोप में 19 वर्षीय युवक की पीट-पीट कर हत्या

जंग खा रहे हैं उपकरण

अमानत बराज पर करोड़ों की लागत से लगी मशीनें, गेट सभी में जंग लग चुका है. कुछ और वर्षो में सभी मशीनें बेकार हो जायेंगी. विभागीय लापरवाही के कारण आज यह स्थिति बनी है.

इसे भी पढ़ें – रातू रोड : फ्लाईओवर निर्माण के लिए बदलेगा ट्रैफिक, अधिकारियों ने किया निरीक्षण

Related Articles

Back to top button