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मुसीबत : धरने पर बैठी NRHM की अनुबंध कर्मियों से बात करने पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री

Ranchi : राज्य में एक जुलाई से लेप्रसी पखवाड़ा और 11 जुलाई से परिवार नियोजन पखवाड़ा शुरू होना है. लेकिन इन दोनों कार्यक्रमों की घोषणा और तैयारी जिन एनआरएचएम कर्मियों के भरोसे की गयी है उनकी हड़ताल चल रही है.

सरकार के सामने आयी इस मुसीबत को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी शनिवार को एनआरएचएम कर्मियों से मिलने राजभवन के समक्ष पहुंचे.

 

रैली और घेराव कार्यक्रम स्थगित

वार्ता के दौरान एनआरएचएम कर्मियों ने अपनी मांगें मंत्री के समक्ष रखी. मंत्री ने मांगों पर 20 जुलाई तक निर्णय का आश्वासन दिया. लेकिन एनआरएचएम कर्मियों ने कहा कि वे एक जुलाई तक सकारात्मक लिखित मिलने के बाद ही काम पर लौटेंगी.

हालांकि उन्होंने एक जुलाई की रैली और दो जुलाई के नेपाल हाउस घेराव कार्यक्रम को स्थगित कर दिया.

‘राज्यपाल की स्वीकृति का इंतजार’

मंत्री ने एनआरएचएम कर्मियों नियुक्ति प्रक्रिया व दस प्रतिशत आरक्षण की मांग पर कहा कि कैबिनेट से प्रस्ताव राजभवन में दे दिया गया है. राज्यपाल से स्वीकृति मिलते ही यह कानून बन जायेगा. इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से आगे की कार्रवाई की जायेगी. इन सबमें 20 जुलाई तक का समय लगेगा.

चंद्रवंशी ने तब तक के लिए एनआरएचएम कर्मियों से काम पर लौटने की अपील की और हड़ताल के दौरान का वेतन देने पर हामी भी भरी.

‘मंत्री ने पहले भी आश्वासन दिया पर कार्रवाई नहीं हुई’

धरने पर बैठी झारखंड राज्य एनआरएचएम एएनएम जीएनएम अनुबंध कर्मचारी संघ की अध्यक्ष मीरा कुमारी  ने कहा कि इसके पूर्व भी विभाग की ओर से धरने पर बैठी एनआरएचएम कर्मियों को स्वास्थ्य मंत्री की ओर से आश्वासन दिया गया था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गयी.

उन्होंने कहा, ‘इस बार मंत्री की ओर से एक जुलाई तक सकारात्मक लिखित देने के बाद ही आगे का निर्णय लिया जायेगा. तब तक हड़ताल सह धरना प्रदर्शन जारी रहेगा.’

बता दें कि एनआरएचएम कर्मी 24 जून से हड़ताल पर हैं जिससे राज्य की स्वास्थ्य सुविधाएं प्रभावित हुई हैं.

एएनएम-जीएनएम की प्रमुख मांगें

  • विभाग की ओर से एएनएम जीएनएम कर्मियों की नियुक्ति करने के लिये विज्ञापन निकाला जाये,
  • आइपीएचएस नॉर्मस के तहत 1990 पदों का सृजन अतिशीघ्र पूरा किया जाये.

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