
- सीआइआइ का ट्राइबल डेवलपमेंट मीट रांची में आयोजित
- आदिवासी व दलित युवाओं को उद्योग के लिए 50 प्रतिशत रियायती दर पर जमीन
Ranchi: मुख्यमंत्री रघुवर दास ने जनजातीय समूह के लोगों से भारतीय प्रशासनिक सेवा संवर्ग में जाने, इंजीनियर बनने, चिकित्सक बनने का आह्वान किया है. उन्होंने कहा है कि राज्य सरकार आदिवासी युवक-युवतियों को यूपीएससी सिविल सेवा की मुख्य परीक्षा की तैयारी करने के लिए एक लाख रुपये तक की सहायता राशि दे रही है. आदिवासी, दलित और अल्पसंख्यक समाज के युवाओं को राज्य सरकार विकसित समाज की श्रेणी में लाना चाहती है. होटल बीएनआर में भारतीय औद्योगिक महासंघ (सीआइआइ) के ट्राइबल डेवलपमेंट मीट को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योग लगानेवाले जनजातीय युवाओं को 50 फीसदी रियायती दर पर जमीन उपलब्ध करायी जायेगी. यह राशि पांच वर्षों में 10 किश्त में भुगतेय होगी.
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उन्होंने कहा कि सरकार ने आदिवासी वित्त निगम, पिछड़ा वित्त निगम, अल्पसंख्यक वित्त निगम और अनुसूचित वित्त निगम को 5-5 करोड़ रुपये देने का निर्णय लिया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार छह आकांक्षी जिलों के आदिवासी, दलित, अनुसूचित और अल्पसंख्यक युवाओं को रोजगार प्रदान करना चाहती है.
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स्टार्टअप और स्टैंडअप से जुड़ें, टीम भावना से करें काम
मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी, दलित, अनुसूचित और अल्पसंख्यक समुदाय के युवा स्टार्टअप और स्टैंडअप से जुड़ें. छोटी कंपनियां बनायें और आगे आयें. आइटी के क्षेत्र को भी अपना कर दूसरों को रोजगार के अवसर उपलब्ध करायें. आपको इस कार्य हेतु ऋण उपलब्ध कराया जायेगा.
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ये थे उपस्थित
कार्यक्रम में दलित इंडियन चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के चेयरमैन पद्मश्री मिलिंद काम्बले, उद्योग सचिव के रवि कुमार, ट्राइबल इंडियन चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के प्रेसिडेंट खेलाराम मुर्मू, सीआइआइ के वाइस चेयरमैन संजय सभरवाल, डिक्की ईस्टर्न जोन के चेयरमैन राजेन्द्र कुमार, सीआइआइ झारखंड स्किल डेवलपमेंट की को-कन्वेनर प्रीति सहगल, सीआइआइ झारखंड स्टेट काउंसिल के चेयरमैन नीरज कांत, सीआइआइ झारखंड के हेड इंद्रनील घोष, अनुसूचित जाति, दलित समाज के उद्यमी व अन्य उपस्थित थे.
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