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बिजली की किल्लत के बीच JBVNL ने पावर एक्सचेंज को भेजा 600 MW डिमांड, मुख्यमंत्री के आदेश के बाद लिया एक्शन

राज्य में लगभग 400 मेगावाट अतिरिक्त बिजली की मांग

Ranchi: राज्य में बिजली की किल्लत के कारण लोड शेडिंग की जा रही है. झारखंड बिजली वितरण निगम की मानें तो राज्य में 300 से 400 मेगावाट तक बिजली की कमी है. जो गर्मी के कारण बिजली की मांग बढ़ने से हुई है. ऐसे में जेबीवीएनएल ने सेंट्रल पावर एक्सचेंज से अतिरिक्त बिजली खरीदने की मांग की है. मांग के लिये प्रस्ताव सेंट्रल पावर एक्सचेंज भेज दिया गया है. अधिकारियों की मानें तो पावर एक्सचेंज से आश्वास्त किया गया है कि जैसे-जैसे बिजली की आपूर्ति रहेगी, वैसे ही अतिरिक्त बिजली उपलब्ध करा दी जायेगी. सेंट्रल पावर एक्सचेंज के पास आपूर्ति के लिये बिजली की उपलब्धता जरूरी है. इस दौरान जेबीवीएनएल ने अतिरिक्त 600 मेगावाट बिजली की मांग की है. जानकारी हो कि शुक्रवार को सीएम हेमंत सोरेन ने उर्जा सचिव के साथ बिजली कटौती के संबध में बैठक की थी. जिसके बाद सीएम ने किसी भी हाल में बिजली कटौती नहीं करने का आदेश दिया है. ऐसे में विभाग ने तत्काल पावर एक्सचेंज को बिजली डिमांड लेटर भेजा.

2600 मेगावाट तक है मांग

राज्य में 2600 मेगावाट बिजली की मांग है. दिन के समय ये मांग 2000 से 2200 मेगावाट रहती है. वहीं, बिजली की उपलब्धता 2200 से 2300 मेगावाट तक है. ऐसे में तीन से चार सौ मेगावाट तक की बिजली की कमी है. वहीं, पीक ऑवर के समय एनर्जी एक्सचेंज से 100 मेगावाट अतिरिक्त बिजली ली जा रही है. शुक्रवार को सेंट्रल एक्सचेंज से 140 मेगावाट बिजली मिली. ऐसे में बिजली की कमी के कारण अलग अलग इलाकों में घंटों लोड शेडिंग की जा रही है.

कहां से कितनी बिजली

राज्य के अपने स्रोतों से भी बिजली उत्पादन हो रहा है. यहां टीटीपीएस से लगभग 300 मेगावाट बिजली, सिकिदरी हाईडल पावर प्लांट से 100 मेगावाट, इंलैंड पावर से लगभग 50 से 60 मेगावाट उत्पादन किया जाता है. वहीं, सेंट्रल पुल से लगभग 700 मेगावाट बिजली दी जाती है. वहीं, राज्य के सात जिलों में डीवीसी की ओर से बिजली आपूर्ति की जाती है. ऐसे में अतिरिक्त बिजली पावर एक्सचेंज से खरीदकर पूरी की जायेगी.

राजधानी के किस ग्रिड में कितनी बिजली

राजधानी रांची के अलग-अलग ग्रिड को देखें तो नामकुम ग्रिड को सामान्य दिनों में 110 मेगावाट तक बिजली मिलती है. जबकि गर्मी के कारण यहां 80 मेगावाट तक ही बिजली मिल रही है. हटिया ग्रिड को 120 मेगावाट की जगह 90 मेगावाट, कांके ग्रिड को 80 मेगावाट की जगह 50, बुढ़मू ग्रिड को 35 मेगावाट की जगह 18 मेगावाट बिजली मिल रही है.

पूर्व में भी जारी किया गया है निर्देश

पूर्व में उर्जा सचिव की ओर से इस संबध में आदेश जारी किया गया था. जहां अधिकारियों को आदेश दिया गया था कि बैगर किसी निर्देश के बिजली कटौती न की जायें. बिजली की आपूर्ति सामान्य बनाए रखना है. शहरी और ग्रामीण इलाकों में कम से कम लोड शेडिंग हो इसका ध्यान रखना है.

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