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शनिवार को उड़िया समाज के लोग धूमधाम से मनायेंगे नुआखाई पर्व, सांस्कृतिक कार्यक्रम और खेलकूद का होगा आयोजन

Jamshedpur : ऋषि पंचमी के अवसर पर शनिवार को ओडिया समाज के लोग शहर के विभिन्न क्षेत्रों में नुआखाई का त्योहार धूमधाम से मनायेंगे. इस अवसर पर भालूबासा की मुखी बस्ती में शाम पांच बजे जोहार भेंट मिलन समारोह का आयोजन किया जायेगा. इस अवसर पर पश्चिम ओडिशा की तर्ज पर पारंपरिक रूप से शहर के भालूबासा समेत धातकीडीह, कदमा, सोनारी, बिष्टुपुर, केवल बस्ती, बर्मामाइंस, सिद्धगोड़ा, बारीडीह बस्ती,  टेल्को और बिरसा नगर में धूमधाम से मनाई जायेगी. पर्व के आयोजन को लेकर सारी तैयारियां पूरी हो गयी है. इस दौरान विशेष रूप से उड़ीसा के पारंपरिक नाच-गान व सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा.

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पर्व को लेकर समाजसेवी शंभू मुखी डूंगरी ने बताया कि गणेश चतुर्थी के ठीक दूसरे दिन खेतिहर किसान धान की नयी फसल की कटाई के उपरांत फसल खलिहान से घर में आने के खुशी में इस पर्व को मनाते हैं. उन्होंने बताया कि पूजा के दौरान घर के पूजा स्थान कुठी में परिवार के सबसे बड़े पुत्र वधू और पुत्र सुबह से निर्जला उपवास रखते है. उसके बाद दिन के 12 बजे स्नान कर नये वस्त्र धारण कर विधिवत अपने आराध्य देव, कुल देवता, कुलदेवी एवं अपने पितरों को स्मरण करते हैं. इसके बाद खलिहान से घर आये नये धान की फसल को मिट्टी की नयी हांडी में डालकर चूल्हे में भूनते हैं. इसके साथ ही इसमें गुड़ मिलाकर महाभोग तैयार किया जाता हैं. इसके उपरांत कुर्रे के पवित्र पत्ता में रखकर सबसे पहले इष्ट देवता,  कुल देवी, कुल देवता एवं अपने पितरों को याद करते हुए महाभोग अर्पण किया जाता है. उन्होंने बताया कि पूरे पश्चिम उड़ीसा के साथ देश के तमाम उड़िया भाषा बहुल क्षेत्रों में नुआ खाई पर्व मनाने की परंपरा है.

उन्होंने कहा कि समाज के लोग प्रत्येक घरों में एवं सामूहिक रूप इस पूजा को करते है. उन्होंने कहा कि इसके बाद लोग समाज व परिवार की सुख-समृद्धि के लिए इष्ट देवता से मंगल कामना करते है. इसके उपरांत सभी घर के बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लेते हैं. पर्व के दिन प्रत्येक घरों में तरह-तरह के पकवान श्रद्धापूर्वक बनाये जाते हैं. साथ ही लोग प्रसाद को एक-दूसरे को खिलाते हैं. शाम के समय बच्चे, बूढ़े, युवक-युवतियां एकत्रित होकर मांदर और ढोल की थाप पर नाच गाकर उत्सव मनाते हैं. इस दिन विशेष रूप से संबलपुरी नाच के साथ मनोरंजक सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा खेलकूद प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जायेगा. उन्होंने कहा कि इस बार पर्व का आयोजन कोरोना गाइडलाइन के तहत किया जायेगा. पर्व के आयोजन में समाज के परेश मुखी, छोटेलाल मुखी, श्यामलाल, शंभू कोलेथ, राजन मुखी, शत्रुघ्न नायक, टीकेलाल डूंगरी, सोमा मुखी आदि योगदान देंगे.

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