
Ranchi: रामगढ़ के सांडी स्थित आरबी प्लस टू उच्च विद्यालय की छात्राओं के साथ एक विशेष समुदाय के कुछ युवकों द्वारा छेड़छाड़ व मारपीट किए जाने के मामले में एनसीपीसीआर ने स्वतः संज्ञान लिया है. एनसीपीसीआर के अध्यक्ष ने मामले को लेकर रामगढ़ डीसी से तीन दिनों में हुई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है. पत्र के अनुसार आयोग ने समाचारपत्र में प्रकाशित खबर के आधार पर संज्ञान लिया है.
इसे भी पढ़ें: रामगढ़ में छात्राओं से युवकों ने की छेड़छाड़, धर्म विशेष के नारे नहीं लगाने पर हुई मारपीट, थाना में शिकायत
समाचारपत्रों में छपी खबर के अनुसार झारखण्ड के रामगढ़ जिले के सांडी स्थित आरबी प्लस टू उच्च विद्यालय की छात्राओं के साथ एक विशेष समुदाय के कुछ युवकों द्वारा छेड़छाड़ व मारपीट करने का मामला प्रकाश में आया है. छात्राओं का कहना है कि वे छुटी के बाद घर लौट रहे थे, इसी बीच एक विशेष समुदाय के युवकों द्वारा छात्राओं के साथ छेड़छाड़ किया गया एवं इस्लाम जिंदाबाद के नारे लगाने को कहा. जब छात्राओं ने इसका विरोध किया तो उनपर लाठी-डंडे व पत्थरों से हमला कर दिया गया. छपी खबर स्वतः स्पष्ट है.
झारखंड के रामगढ़ में स्कूली बच्चियों से छेड़छाड करने व हिंदू तथा अन्य ग़ैर मुस्लिम बालिकाओं से इस्लाम ज़िंदाबाद के नारे लगवाने तथा लाठी डंडों से मारपीट करने के मामले का @NCPCR_ ने संज्ञान लिया है,ज़िला प्रशासन को नोटिस जारी कर FIR दर्ज करने,गुंडो को गिरफ़्तार करने एवं बच्चियों…
— प्रियंक कानूनगो Priyank Kanoongo (@KanoongoPriyank) November 25, 2023
आयोग ने उक्त शिकायत का संज्ञान सीपीसीआर अधिनियम 2005 की धारा 13 के अंतर्गत लिया है. उक्त प्रकरण में किशोर न्याय अधिनियम 2015 की धारा 75 का स्पष्ट उलंघन प्रतीत होता है तथा यह छात्राओं के साथ मारपीट का यह एक अत्यंत गंभीर मामला है. अतः किशोर न्याय अधिनियम 2015 तथा भारतीय दण्ड संहिता की संबंधित धाराओं के अंतर्गत आरोपियों के विरुद्ध FIR दर्ज कर उचित कार्यवाही सुनिश्चित करें. अगर जांच के दौरान छात्राओं के यौन शोषण या शारीरिक छेड़छाड़ का मामला भी प्रकाश में आता है तो FIR में POCSO एक्ट की भी संबंधित धाराओं को जोड़ा जाये तथा कृत कार्यवाही की जाँच तीन दिनों के भीतर आयोग को प्रेषित करने का कष्ट करें.




