
Ranchi: झारखंड के 155 पुलिस थाना अतिनक्सल प्रभावित हैं. 155 थाना क्षेत्रों में अलग-अलग नक्सली संगठन पुलिस के लिए चुनौती बने हुए हैं और समय-समय पर नक्सल वारदातों को अंजाम देकर अपनी उपस्थिति भी दर्ज करा रहे हैं.
जानकारी के मुताबिक राज्य में करीब 611 पुलिस थाना हैं, जिनमें 282 नक्सल प्रभावित हैं. इन 282 नक्सल प्रभावित थानों में से 155 अतिनक्सल प्रभावित की श्रेणी में हैं, जबकि 127 थाने कम नक्सल प्रभावित थाना की श्रेणी में आते हैं.
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ये हैं राज्य के अतिनक्सल प्रभावित थाना
रांची: तमाड़, खेलारी, बुंडू, मैकलुस्कीगंज, ठाकुरगांव, नगड़ी, दशम फॉल
पलामू: रामगढ़, तरहसी, नावाजयपुर, पड़वा, पांकी, लेस्लीगंज, मनातू, छतरपुर, हरिहरगंज, मोहम्मदगंज, पांडू, पीपराटांड़, नौडीहा, उंटारी, नावा बाजार, पीपरा, हुसैनाबाद
जमशेदपुर: बरडीहा, पटमदा, घाटशिला, डुमरिया, कोआली, गालूडीह, बोड़ाम, गुड़ाबांधा
हजारीबाग: कटकमसांडी, विशुनगढ़, चौपारण, केरेडारी, चुरचू, चरही, चलकुसा, टाटीझरिया, कटकमदाग, आंगो
गढ़वा: डंडई, रंका, रमकंडा, चिनिओ, कांडी, बिशुनपुरा, खरौंदी, भंडरिया, केतार
लातेहार: मनिका, बालूमाथ, चंदवा, हेरहंज, बरवाडीह, गारू, छिपादोहर, महुआडांड़, बारेसार, नेतरहाट
दुमका: शिकरीपाड़ा, काठीकुंड, गोपीकांदर, रामगढ़
सरायकेला: कांड्रा, कुचाई, चौका, तिरुडीह
सिमडेगा: बानो, कोलेबिरा, महाबुआंग, जलडेगा
रामगढ़: रजरप्पा और बरलंगा
पाकुड़: अमड़ापाड़ा, पाकुड़िया और लिट्टीपाड़ा
कोडरमा: ढाब, सतगावां, नवलशाही, चंदवारा
चाईबासा: किरीबुरू, छोटानागरा, गुआ, टोंटो, टैबो, बंदगांव, मनोहरपुर, जरायकेला, आनदपुर, सोनुआ, गोलईकेरा, गुदड़ी
खूंटी: मुरहू, अड़की, रनिया
गोड्डा: सुंदरपहाड़ी और राजाभिट्ठा
लोहरदगा: सेन्हा, पेशरार, किस्को, बगरू, जोबांग, कुरू, कैरो
धनबाद: बरबड्डा, टुंडी, मनियाडीह, पूर्वी टुंडी, तोपचांची, हरिहरपुर, राजगंज
गुमला: घाघरा, बिशुनपुर, गुड़दरी, पालकोट, चैनपुर, रायडीह, डुमरी, अल्बर्ट एक्का जारी, करूमगढ़, सुरसांग
चतरा: गिद्धौर, लावालौंग, टंडवा, पिपरवार, हंटरगंज, प्रतापपुर, कुंदा, कान्हाचट्टी
बोकारो: गांधी नगर, नावाडीह, गोमिया, महुआटांड़, लालपनिया, चतराचट्टी, जगेश्वर बिहार, फेक नारायणपुर, मुफस्सिल, ताराटांड़, डुमरी, निमियाघाट, पीरटांड़
गिरिडीह: खुखरा, मधुबन, हिसरी, लोकायनपुर, देवरी, भेलवाघाटी.
रेल धनबाद : गोमिया रेल थाना, बरकाकाना रेल थाना, डालटनगंज रेल थाना, गोमो रेल थाना, चंद्रपुरा रेल थाना
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550 नक्सली दे रहे पुलिस को चुनौती
झारखंड पुलिस का दावा है कि झारखंड में अब सिर्फ 550 माओवादी बचे हैं. लेकिन 550 माओवादियों से लड़ने के लिए भारी संख्या में सुरक्षा बल लगे हुए हैं. जिनमें सीआरपीएफ की 122 कंपनी, आइआरबी की 5 कंपनी और झारखंड जगुआर की 40 कंपनी फोर्स लगी हुई है.
इतनी भारी संख्या में सुरक्षा बल के तैनात होने के बावजूद झारखंड से पूरी तरह से माओवाद का खात्मा नहीं हो पा रहा है. समय-समय पर माओवादी छोटी-बड़ी घटना को अंजाम देकर अपनी उपस्थिति भी दर्ज करवा रहे हैं.
नक्सलियों के खिलाफ चल रहा पुलिस का डेवलपमेंट एक्शन प्लान
राज्य में नक्सलवाद के खात्मे के लिए सरकार कई तरह के विकास कार्य कर रही है. इसके तहत कई एक्शन प्लान चालू किये गये हैं. इनमें सारंडा एक्शन प्लान, सरयू एक्शन डेवलपमेंट प्लान, झुमरा एरिया डेवलपमेंट एक्शन प्लान, पारसनाथ एरिया डेवलपमेंट प्लान, चतरा एरिया डेवलपमेंट एक्शन प्लान, बानालात इंटीग्रेटेड एक्शन प्लान, गिरिडीह-कोडरमा बॉर्डरिंग एरिया डेवलपमेंट प्लान, दुमका-गोड्डा बॉर्डरिंग एरिया डेवलपमेंट प्लान, खूंटी-सरायकेला-चाईबासा बॉर्डरिंग एरिया एक्शन प्लान, सिमडेगा खूंटी बॉर्डरिंग एरिया एक्शन प्लान, जमशेदपुर एरिया एक्शन प्लान, पलामू-चतरा एरिया एक्शन प्लान व गढ़वा लातेहार-पलामू बॉर्डरिंग एरिया एक्शन प्लान शामिल हैं.
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