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सिमडेगा कॉलेज में बगैर फैकल्टी कैसे होगी पीजी की पढ़ाई

राज्यपाल से विधायक भूषण बाड़ा करेंगे सुविधा दिलाने का आग्रह

Ranchi. सिमडेगा में पीजी तक की पढ़ाई शुरू करायी जा चुकी है. यहां 10 विषयों की पढ़ाई हो रही है. पर गिने चुने विषयों को छोड़ किसी में एक भी प्रोफेसर या लेक्चरर तक नहीं हैं. फिजिक्स, केमेस्ट्री में एक भी ना तो फैकल्टी है और ना ही लैब की सुविधा स्टूडेंट्स को नसीब है. इसके चलते सिमडेगा के छात्रों के सामने कई सवाल खड़े हो गये हैं. अब इन समस्याओं को लेकर विधायक भूषण बाड़ा राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू के पास आग्रह करेंगे.

सिमडेगा कॉलेज को किया जा रहा नजरअंदाज

भूषण बाड़ा के निर्देश पर मंगलवार को सिमडेगा कॉलेज की विभिन्न समस्याओं और पठन-पाठन की स्थिति का जायजा विधायक प्रतिनिधि डीडी सिंह और विधानसभा मीडिया प्रभारी प्रदीप केसरी ने लिया. कॉलेज के स्टाफ रूम में बैठकर शिक्षकों और कर्मचारियों से विस्तृत जानकारी ली.

चिंता जताते हुए सबों ने कहा कि सिमडेगा कॉलेज को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है. यहां 10 विषयों पर पीजी की पढ़ाई आरंभ की गई है. अधिकांश में प्रोफेसर और लेक्चरर नहीं हैं. साइंस विषयों के अलावा गणित, संस्कृत, जूलॉजी, जियोलॉजी और साइकोलॉजी तथा अन्य विषयों में भी प्रोफेसर नहीं हैं. हिन्दी और नागपुरी के स्टूडेंट्स को यूनिवर्सिटी की लापरवाही के कारण फॉर्म तक भरने का मौका नहीं मिल सका.

एक जमाने में यह कॉलेज रांची विश्वविद्यालय के एक अच्छे कॉलेज के रूप में जाना जाता था. पर लगातार गिरती स्थिति के कारण छात्र और अभिभावक भी निराश हो चुके हैं.

कोरोना काल में भी सैलरी नहीं

प्रदीप केसरी के अनुसार कॉलेज के स्टाफ सैलरी नहीं मिलने पर परेशान हैं. शिक्षकों से पता पता चला कि पिछले एक साल से कोरोना संकट काल में भी उन्हें वेतन नहीं मिला है. अच्छे शिक्षकों का यहां अभाव है. कुछ समय पहले तक यहां अच्छे शिक्षक थे पर यहां की अव्यवस्था के कारण कई शिक्षकों ने राजधानी रांची में अपना तबादला करा लिया है.
सिमडेगा आदिवासी बहुल क्षेत्र है. यहां के अधिकांश लोग गरीबी रेखा से नीचे गुजर बसर करते हैं. ऐसे में वे अपने बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर नहीं भेज पाते. अब ऐसे में राज्यपाल से विधायक आग्रह करके समस्याओं को दूर करने में मदद मांगेंगे.

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