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#MomentumJharkhand: पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, राजबाला वर्मा समेत कई अधिकारियों के खिलाफ एसीबी में शिकायत

Ranchi: मोमेंटम झारखंड को लेकर आरटीआइ कार्यकर्ता पंकज कुमार ने पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, पूर्व सीएस राजबाला वर्मा समेत कई बड़े अधिकारियों के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) में शिकायत दर्ज करायी है.

पंकज यादव के दिये आवेदन को एसीबी ने सक्षम प्राधिकार यानी सरकार के पास भेज दिया है. देखना होगा कि सरकार इस आवेदन पर क्या फैसला लेती है. घोटाले की जांच को लेकर सरकार निर्णय लेगी. सरकार के निर्णय के बाद ही एसीबी इस मामले में प्रिमिलरी इन्क्वायरी (पीइ) या प्राथमिकी दर्ज करेगी.

झारखंड हाइकोर्ट ने 15 माह पहले सितंबर 2018 को ‘मोमेंटम झारखंड’ फर्जीवाड़ा मामले में आवेदक को निर्देश दिया था कि वह एंटी करप्शन ब्यूरो में जाकर शिकायत दर्ज करायें. हाइ कोर्ट ने यह आदेश दीवान इंद्रनील सिन्हा द्वारा दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान दी थी.

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आवेदक का दावा है कि मोमेंटम झारखंड के आयोजन में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया गया है. अगर मामले की जांच की जाती है तो इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, तत्कालीन मुख्य सचिव राजबाला वर्मा समेत उस वक्त सरकार में महत्वपूर्ण पदों पर पदस्थापित कई सीनियर आइएएस फसेंगे.

कई केंद्रीय मंत्री और उद्योगपति शरीक हुए थे

तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास और प्रधान सचिव सुनील बर्णवाल.

16 फरवरी 2017 झारखंड की राजधानी रांची में ‘ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट मोमेंटम झारखंड’ का आयोजन हुआ था, जिसमें केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली सहित तत्कालीन केंद्रीय मंत्री वैंकेया नायडू, नितिन गडकरी, पीयूष गोयल, स्मृति ईरानी और देश-दुनिया से कई बड़े उद्योगपति शामिल हुए थे.

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रघुवर दास ने उद्योगपतियों से झारखंड में निवेश करने का आह्वान किया था. झारखंड सरकार की ओर से तत्कालीन मुख्य सचिव राजबाला वर्मा ने अपने भाषण में कहा था कि ‘इज ऑफ डूइंग बिजनेस’ में झारखंड टॉप पर है.

साथ ही लेबर रिफॉर्म्स में भी झारखंड नंबर एक पर है. इंवेस्टमेंट के लिए जमीन सबसे अहम होती है. इसे ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने लैंड बैंक बनाया है, जहां आज निवेश के लिए 2.1 मिलियन एकड़ जमीन उपलब्ध है.

किस तरह के आरोप हैं झारखंड सरकार पर

तत्कालीन मुख्य सचिव राजबाला वर्मा.

मोमेंटम झारखंड को लेकर न्यूज विंग ने सबसे पहले खबर छापनी शुरू की थी. मोमेंटम झारखंड का आयोजन कराने में सरकार पर कई तरह की अनियमितता का आरोप लगा है. आरोप है कि सरकार ने नयी और कम पूंजी वाली कंपनियों के साथ अरबो रुपये का करार किया है.

साथ ही आयोजन में सरकारी राशि पानी की तरह बहायी गयी. कई तरह के फंड की बंदरबांट हुई है. जिस दावे के साथ मोमेंटम झारखंड का आयोजन हुआ था, वो मकसद पूरा करने में सरकार पीछे रह गयी. सरकार ने जितने निवेश का दावा किया था, उतना निवेश राज्य में नहीं हुआ. सरकार पर फर्जी कंपनियों के साथ करार करने का आरोप भी लगा है.

उल्लेखनीय है कि झारखंड में हुए मोमेंटम झारखंड के पीछे का सच काफी चौंकानेवाला है. सरकार ने एक ऐसी कंपनी से करार किया है, जो सिर्फ 39 दिन की थी. कंपनी के पास कुल जमा पूंजी महज एक लाख रुपये थी. इस कंपनी ने सरकार के साथ 1500 करोड़ का करार किया है. जी हां, कंपनी और सरकार के एमओयू की कॉपी को देखने के बाद सारा मामला साफ होता है.

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Orient Craft Fashion Park One LLP है कंपनी का नाम

Orient Craft Fashion Park One LLP कंपनी के बनने की तारीख यानी Date of Incorporation तीन फरवरी 2017 है. कंपनी झारखंड सरकार के साथ झारखंड में इंडस्ट्रीयल पार्क बनाने के लिए 1500 करोड़ का करार 14 मार्च 2017 को करती है. यानी कंपनी की उम्र करार के दिन सिर्फ 39 दिन की थी. यह शायद पहली ऐसी कंपनी हो जो इतनी कम उम्र में इतना बड़ा करार किसी सरकार से कर पायी हो.

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