
New Delhi: कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के उद्देश्य़ से देश भर में लॉकडाउन जारी है. तीसरे लॉकडाउन में केंद्र सरकार ने कुछ रियायतों का ऐलान किया था. इसमें कहा गया था कि कुछ शर्तों के साथ लोगों की आवाजाही हो सकेगी.
इसे लेकर गृह मंत्रालय ने रविवार को एक स्पष्टीकरण जारी किया है. इसमें बताया गया है कि लॉकडाउन के दौरान व्यक्तियों की आवाजाही में वे लोग शामिल नहीं हैं, जो काम या इससे संबंधिक किसी कारण से अपने घरों से दूर रहते हैं और वे सामान्य कारण की वजह से अपने घर जाना चाहते हैं.
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इसमें सिर्फ उन्हें ही इजाजत दी है जो लॉकडाउन की वजह से बेहद मुश्किल हालात में फंसे हुए हैं. इनमें सबसे अहम प्रवासी मजदूर और छात्र हैं. जिन्हें राज्य अपनी सुविधा के अनुसार वापस बुला रहे हैं. प्रवासी मजदूर और छात्र बी वापस तभी लौट सकते हैं जब उन्हें राज्य सरकार से अनुमति प्राप्त हो यानी वे राज्य सरकार द्वारा किये गये प्रबंध के माध्यम से लौटेंगे.
रियायत से भ्रम
बता दें कि तीन मई से लॉकडाउन में कुछ रियायतों की घोषणा की गयी है. जिसके कारण लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई थी. अब गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि सामान्य कारण से घर जाने वाले लोगों को इसमें शामिल नहीं किया गया है.
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गृह मंत्रालय ने राज्यों से दूसरी रक्षा पंक्ति तैयार करने को कहा
बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों के कोविड-19 से संक्रमित होने से चिंतित केंद्र ने राज्यों को सुझाव दिया है कि वे इस खतरनाक वायरस को फैलने से रोकने के लिए प्रभावी दूसरी रक्षा पंक्ति तैयार करें.
गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लिखे एक पत्र में कहा कि पुलिस प्रमुख उन कर्मियों के लिए ‘घर से काम करने’ के विकल्प पर विचार कर सकते हैं जो अग्रिम मोर्चे पर तैनात नहीं हैं.
गृह मंत्रालय ने कहा, ‘‘कोविड-19 की चुनौती से निपटने और कोविड-19 को नियंत्रित करने की रणनीति जारी रखना सुनिश्चित करने के वास्ते पुलिस बलों को उन पुलिस कर्मियों के लिए एक प्रभावी दूसरी रक्षा पंक्ति तैयार करने की जरूरत है जो महामारी के दौरान कोविड-19 संक्रमण से प्रभावित हो सकते हैं.’’
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