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#Ranchi: शीर्ष माओवादियों के निवेशक मनोज चौधरी से एनआइए ने की पूछताछ, मिली कई अहम जानकारी

Ranchi: राज्य के शीर्ष भाकपा माओवादियों पतिराम मांझी, अजय महतो, दुर्याधन महतो समेत अन्य के लेवी के पैसों का निवेश करनेवाले मनोज चौधरी से एनआइए ने रिमांड के पहले दिन पूछताछ की. पूछताछ में मनोज चौधरी ने एनआइए को कई अहम जानकारियां दी हैं.

सूत्रों के मुताबिक, मनोज चौधरी ने जमीन में निवेश की जानकारी दी है. मनोज चौधरी के पास से मिले निवेश संबंधी कागजात की जांच भी एनआइए कर रही है.

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कई बड़े माओवादियों पर कसेगा एनआइए का शिकंजा

पैसों के निवेश के मामले में झारखंड पुलिस के कई वांटेड नक्सलियों पर एनआइए का शिकंजा कसेगा. एक करोड़ के इनामी सेंट्रल कमेटी मेंबर प्रयाग मांझी, पतिराम मांझी उर्फ तूफान उर्फ अनल दा, स्पेशल एरिया कमेटी सदस्य और 25 लाख के इनामी अजय महतो उर्फ टाइगर, चंचल उर्फ बीरसेन, जोनल कमेटी सदस्य और 10 लाख के इनामी रामदयाल महतो, कृष्णा दा, सिंगराई सोरेन, शनिचर हेंब्रम की संपत्तियों के निवेश के बारे में मनोज चौधरी ने जानकारी दी है.

मनोज चौधरी को बंगाल के हुगली से एनआइए ने किया था गिरफ्तार

झारखंड के शीर्ष भाकपा माओवादियों पतिराम मांझी, अजय महतो, दुर्याधन महतो समेत अन्य के लेवी के पैसों का निवेश करनेवाला मनोज चौधरी एनआइए के हत्थे चढ़ गया था. एनआइए ने शनिवार की अहले सुबह मनोज चौधरी को पश्चिम बंगाल के हुगली से गिरफ्तार किया था. मनोज मूल रूप से गिरिडीह के पीरटांड़ का रहनेवाला है. एनआइए ने गिरफ्तारी के बाद हुगली में मनोज के ठिकाने पर सर्च भी किया, जहां चल-अचल संपत्तियों से जुड़े अहम कागजात, बैंक पासबुक बरामद कये गये. गिरफ्तारी के बाद मनोज को रांची लाया गया. जहां एनआइए ने उसे पांच दिनों की रिमांड पर लिया है.

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2008 से माओवादियों के पैसे निवेश कर रहा था

मनोज चौधरी पूर्व में तोता बेचने का काम करता था. साल 2008 में वह माओवादियों के संपर्क में आया. इसके बाद उसने माओवादियों के द्वारा लेवी से अर्जित पैसों का चल व अचल संपत्तियों में निवेश करना शुरू किया. मनोज चौधरी ने लेवी के पैसों से गिरिडीह शहर के प्रमुख लोकेशनों में करोड़ों की जमीन खरीदी. मनोज की तीन सालों से झारखंड पुलिस के द्वारा भी तलाश की जा रही थी. लेकिन वह फरार था. बाद में झारखंड पुलिस के द्वारा दर्ज मामले को एनआइए ने टेकओवर किया था.

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कैसे कसा था मनोज चौधरी पर शिकंजा

6 मार्च 2018 को गिरिडीह के अकबकीटांड़ में सैक सदस्य सुनील मांझी समेत 15 उग्रवादियों को गिरफ्तार किया था. डुमरी थाने में दर्ज केस को 9 मई 2018 को एनआइए ने टेकओवर कर लिया था. इस मामले में 31 अगस्त 2018 व 8 जनवरी 2019 को मनोज चौधरी समेत 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर किया गया था. बाद में जांच में लागू पहाड़ से भारी संख्या में हथियार, कारतूस समेत अन्य चीजें भी बरामद की गयी थीं.

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