
Ranchi : स्वामी विवेकानंद जयंती 2023 के मौके पर गुरुवार (रांची) स्थित विवेकानंद प्रतिमा स्थल पर राष्ट्रीय युवा दिवस कार्यक्रम का आयोजन खेलकुद विभाग, झारखंड की ओऱ से किया गया. इस दौरान विवेकानंद को स्मरण करते विभागीय मंत्री हफीजुल हसन ने कहा कि राष्ट्रीय युवा दिवस और स्वामी विवेकानंदजी की जयंती एक ही दिन होना खास है. स्वामीजी महान दार्शनिक थे. उनका जीवन दर्शन और विचार आज भी प्रासंगिक है. युवाओं को उनके संदेश सदा प्रेरित करते आये हैं. रामकृष्ण मिशन के जरिये समाज सेवा उनकी ही देन है. उठो जागो जब तक आप मंजिल ना पा लो, इस संदेश को आत्मसात करने से युवा अपने जीवन में कोई भी लक्ष्य हासिल कर सकता है. हमारा राज्य भी अब 23 वर्ष का युवा हो गया है. राज्य सरकार अपने युवाओं को हरसंभव मदद को तैयार है. युवा शक्ति ही राष्ट्रशक्ति है. मौके पर विभिन्न प्रतियोगिताओं (भाषण, पेंटिंग व अन्य) के विजेताओं को मंत्री ने सम्मानित भी किया. इस दौरान विभागीय सचिव मनोज कुमार, संयुक्त सचिव हिमांशु मोहन, खेल निदेशक सरोजिनी लकड़ा, रामकृष्ण मिशन के स्वामी भवेशानंदजी, एनएसएस के स्टेट ऑफिसर डॉ ब्रजेश कुमार, रांची डीएसओ संजीत कुमार, रामगढ़ डीएसओ रूपा रानी तिर्की सहित विभिन्न जिलों के डीएसओ व कई अन्य भी उपस्थित थे.

स्वामीजी का जीवन दर्शन अनूठा
मनोज कुमार ने कहा कि भारत के आर्थिक, सामाजिक विकास के लिए स्वामीजी का विचार प्रेरक था. ऐसे समय में जब देश में ब्रिटिश शासन था, देशवासियों में मायूसी थी, स्वामीजी ने अमेरिका जाकर धर्म संसद में देश का मान बढ़ाया. भारतीय जीवन पद्धति, विचारों को पश्चिमी जगत को बखूबी समझाया. बताया कि भले भारतवासियों में कई लिहाज से ऊपरी विविधता है पर अंदरुनी तौर पर सबों में एकरुपता है. समाज के अंतिम व्यक्ति की चिंता उन्होंने की. उसके उत्थान के लिए भी सोचा. रामकृष्ण मिशन की स्थापना कर राष्ट्र निर्माण, समाज निर्माण में उल्लेखनीय भूमिका निभाई. युवाओं को वे उर्जा से भरपूर मानते थे. अपने जीवन दर्शन में युवाओं को प्रमुख स्थान दिया.
भवेशानंदजी ने कहा कि राज्य प्राकृतिक संसाधनों से भरा पड़ा है. यहां के युवाओं को शिक्षा के साथ साथ नैतिक और शारीरिक शिक्षा मिले तो वे अपना और समाज का नाम खूब रोशन कर सकते हैं.
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