Corona_Updates

#FightAgainstCorona: बाहर फंसे 1.11 लाख मजदूरों को दी गयी 11.15 करोड़ की आर्थिक मदद

Ranchi : देशव्यापी लॉकडाउन में राज्य के बाहर फंसे लोगों की सहायता के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार शाम ऑनलाइन राशि का वितरण शुरू किया. उन्होंने यह राशि पिछले शुक्रवार को जारी किये गये मोबाइल एप से जारी की.

प्रोजेक्ट भवन के नये सभागार के दूसरे तल्ले में आयोजित कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, कल्याण मंत्री चम्पई सोरेन, वित्त मंत्री रामेश्वर उराव, श्रम मंत्री सत्यानन्द भोक्ता,  मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, नगर विकास सचिव विनय चौबे, शिक्षा सचिव एपी सिंह, मुख्यमंत्री के आप्त सचिव सुनील श्रीवास्तव सहित कई आला अधिकारी उपस्थित थे.

इसे भी पढ़ें – क्या आपने कहीं यह खबर देखी, मोदी सरकार ने RBI से कर्ज लेने की सीमा 75 हजार करोड़ से बढ़ा कर 2 लाख करोड़ कर ली

राशि वितरण करने के बाद सीएम सोरेन ने कहा कि कोविड-19 से लड़ाई के लिए राज्य सरकार सामाजिक सुरक्षा के तहत लोगों को राहत सामग्री दे रही है. इसी कड़ी में शुक्रवार से डीबीटी के माध्यम से राज्य से बाहर फंसे मजदूरों को आर्थिक मदद के रूप में 1000-1000 रुपये दिये जा रहे हैं. पहले चरण के तहत कुल 1,11,568 लोगों को आर्थिक मदद दी जा रही है. यानी पहले चरण में कुल 11.15 करोड़ रुपये (1,11,568000 रुपये) बाहर फंसे मजदूरों के लिए जारी की गयी है.

पुलिसकर्मियों ने दी 8 करोड़ की मदद

इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी से लड़ाई के लिए राज्य के पुलिसकर्मियों ने 8 करोड़ रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष में दिये हैं. इसके लिए मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों को धन्यवाद भी दिया.

बिना राशन कार्डधारी को भी मिलेगा राशन, करें आवेदन

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बिना राशन कार्डधारियों के लिए भी एक घोषणा भी की. उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने राशन कार्ड के लिए अप्लाई किया है उन्हें भी पीडीएस डीलर द्वारा राशन दिया जायेगा. हालांकि मुख्यमंत्री ने लोगो से अपील कर कहा कि बिना राशन कार्डवाले लोग जल्द से जल्द कार्ड के लिए आवेदन करें.

इसे भी पढ़ें – #Ranchi के 14 स्कूल सुबह सात बजे से दोपहर 12 बजे तक बेचेंगे किताबें, मिली प्रशासनिक स्वीकृति

करीब 1.11 लाख लोगों को दी गयी मदद, 29 अप्रैल तक करें रजिस्ट्रेशन

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य से बाहर फंसे श्रमिकों एवं जरूरतमंद के लिए संचालित मोबाइल एप के माध्यम से करीब 2.5 लाख लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है. रजिस्ट्रेशन के सत्यापन के पश्चात ही करीब 1 लाख 11 हजार 568 लोगों को सहायता राशि दी जा रही है. राज्य से बाहर फंसे श्रमिक 29 अप्रैल तक मोबाइल एप के जरिये आवेदन कर सकते हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आर्थिक मदद मजदूरों के खातों को जांच करने के बाद दिया जा रहा है.  जैसे-जैसे बाकी बचे लोगों के खातों के वेरिफिकेशन होगा, वैसे-वैसे मजदूरों को राशि भेजी जायेगी.

हेमंत सोरेन ने कहा कि विभिन्न राज्यों में फंसे हर एक झारखंडियों तक राज्य सरकार पहुंच बना कर उन्हें मदद करने का प्रयास कर रही है. प्रतिदिन सीएसओ मित्र संगठन एवं राज्य सरकारों की मदद से बाहर फंसे लोगों को हर संभव मदद मिल रही है.

8 बेंच के तहत दी गयी है 11.15 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद

बाहर फंसे मजदूरों को कुल 8 बेंच में आर्थिक मदद दी जा रही है. पहले बेंच में 19,111 लाभुकों को, दूसरे में 13720, तीसरे में 20727, चौथे में 19,676 पांचवें में 10,110, छठे में 11501, सातवें में 7931 और आठवें बेंच में कुल 8772 (कुल मिला कर 1,11,568) लाभुकों को यह सहायता राशि दी गयी है.

मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना मोबाइल एप किया था लांच

बता दें कि बाहर फसे लोगों की आर्थिक मदद के लिए मुख्यमंत्री ने पिछले दिनों मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना मोबाइल एप को लांच किया था. एप लांच करने के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा था कि दूसरे राज्यों में फंसे झारखंड के मजदूरों को जल्द ही चिन्हित कर आर्थिक मदद दी जायेगी. यह राशि प्रवासी मजदूरों को सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर किया जायेगा. यह राशि कम से कम एक हजार रुपये होगी.

इसे भी पढ़ें – #Godda: मस्जिद में नमाजियों को रोकने गयी पुलिस टीम पर हमला, एक अधिकारी समेत तीन घायल, पांच गिरफ्तार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Back to top button