
Ranchi: खूंटी में एकीकृत बिहार के समय सहायक शिक्षक के रूप में बहाल किए गए सुषमा कुमारी उर्फ सुषमा कुमारी देवी की अवमानना याचिका की सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट में हुई. सुषमा कुमारी को बर्खास्त किए जाने के खिलाफ एकल पीठ द्वारा 17 फरवरी 2021के पारित आदेश का पालन नहीं होने पर निदेशक, माध्यमिक शिक्षा हाईकोर्ट में सशरीर हाजिर हुए. उनकी ओर से कोर्ट को बताया गया कि प्रार्थी को पुनर्बहाल कर दिया गया है और उनका जो बकाया है उसका भुगतान जल्द कर दिया जाएगा. इस पर कोर्ट ने उन्हें एकल पीठ के 17 फरवरी 2021 के आदेश का अनुपालन करने के लिए दो सप्ताह का समय प्रदान किया.
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कोर्ट ने कहा कि अगर आदेश का पालन नहीं हुआ तो अगली सुनवाई 2 फरवरी को भी निदेशक, माध्यमिक शिक्षा को कोर्ट में सशरीर उपस्थित होना होगा. दरअसल एकीकृत बिहार के समय सुषमा कुमारी की नियुक्ति असिस्टेंट टीचर के रूप में खूंटी जिला में हुई थी, उन्हें 27 दिसंबर 1988 को नियुक्ति पत्र दिया गया था. करीब 30 साल की सेवा के बाद सुषमा कुमारी को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था. जिसे उन्होंने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. हाई कोर्ट ने सुषमा कुमारी को हटाए जाने के 1 अक्टूबर 2018 के आदेश को निरस्त कर दिया साथ ही प्रार्थी को पुनर्बहाल करने एवं उन्हें वह बेनिफिट देने का आदेश दिया था जिसकी वह हकदार थी.




