
Rahul Kumar
Ranchi: पलामू लोकसभा सीट पर भाजपा 2014 में 10 साल बाद वापसी की है. झारखंड राज्य की यह एकमात्र सीट जो अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है. इस बार का चुनाव काफी रोचक होने की उम्मीद है. इससे भाजपा, राजद और कांग्रेस के अंदर अलग-अलग राजनीतिक रणनीति बन रही है. इंडी गठबंधन सीट शिफ्ट करने की तैयारी में लगी हुयी है, तो बीजेपी के अंदर टिकट की लॉबिंग के लिए नेता सक्रिय हो चुके हैं. वहीं कांग्रेस और राजद के कई नेता इस सीट पर अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं.
पलामू लोकसभा सीट
झारखंड की पलामू लोकसभा सीट पर दो जिलों की विधानसभा आती है. 1952 में अस्तित्व में आयी इस लोकसभा सीट पर 1952, 1957 में कांग्रेस, 1962 में स्वतंत्रता पार्टी फिर 1967, 1971 में कांग्रेस ने वापसी की. 1977 में जनता पार्टी ने जीत दर्ज करायी. 1980, 1984 में कांग्रेस की अंतिम वापसी हुयी. 1989 में राजद तो 1991, 1996, 1996, 1998, 1999 में बीजेपी ने चुनाव जीता. 2004 और 2006 के उपचुनाव में राजद ने चुनाव जीता. 2009 में जेएमएम के उम्मीदवार ने जीत दर्ज करायी. बीजेपी ने फिर से वापसी करते हुए 2014 और 2019 में विष्णु दयाल राम ने चुनाव जीता है. हलांकि चर्चा अब यह है कि विष्णु दयाल राम की उम्र 70 से अधिक हो जाने की वजह से इस बार बीजेपी से टिकट मिलना मुश्किल है.
पलामू लोकसभा क्षेत्र के छ: विधानसभाओ में सबसे अधिक बीजेपी मजबूत
इस लोकसभा सीट के अंतर्गत कुल छ: विधानसभाओं में से चार पर बीजेपी का कब्जा है. डालटनगंज से आलोक चौरसिया दूसरी बार बीजेपी से विधायक हैं. विश्रामपुर विधानसभा से बीजेपी के रामचंद्र चंद्रवंशी दूसरी बार चुनाव जीते हैं. और रघुवर सरकार में स्वास्थ्य मंत्री भी रहे हैं. छतरपुर से बीजेपी की पुष्पा देवी विधायक हैं. हुसैनाबाद से एनसीपी के कमलेश सिंह विधायक हैं. गढ़वा विधानसभा से जेएमएम के मिथिलेश ठाकुर विधायक होने के साथ सरकार में मंत्री हैं. भवनाथपुर विधानसभा से बीजेपी के भानुप्रताप साही दूसरी बार विधायक हैं.
हार-जीत का अंतर
2019 के लोकसभा चुनाव में कुल 12,10,426 वोट पड़े थे. राजद से उम्मीदवार घुरन राम को 2,78,053 वोट मिले और एनडीए से चुनाव लड़ रहे बीजेपी उम्मीदवार विष्णु दयाल राम को 755,659 वोट मिले थे. वोटों का अंतर 4,77,606 का था. 2014 में कुल 9,78,159 वोट पड़े थे. जिसमें बीजेपी के विष्णु दयाल राम को 4,76,513 वोट, राजद के उम्मीदवार मनोज कुमार को 2,12,571 वोट मिले थे. विष्णु दयाल राम ने 2,63,942 वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी. इसबार इस सीट से इंडी गठबंधन की ओर से कांग्रेस चुनाव लड़ना चाह रही है.
इस बार के संभावित उम्मीदवार
पलामू लोकसभा सीट पर कोई भी पार्टी उम्मीदवार देने से पहले दो राज्यों का ध्यान रखती है. क्योंकि उत्तर प्रदेश और बिहार राज्य से इस लोकसभा सीट की सीमा लगती है. दो राज्य की जनता का मूड समझने के साथ अपने क्षेत्र की जनता के मूड को समझने की कला होनी जरुरी होती है. हलांकी इस बार बीजेपी विष्णु दयाल राम की उम्र अधिक होने के कारण बदलने की तैयारी में है. साथ ही राजद के पूर्व नेता और इस सीट से पिछले तीन संसदीय चुनाव लड़ चुके घूरन राम के भाजपा में शामिल होने से इनके नाम को लेकर चर्चाएं हैं. इसके अलावा इस सीट पर पलामू के पूर्व सांसद जोरावर राम के बेटे राकेश पासवान के उतरने से त्रिकोणीय मुकाबला बनता दिख रहा है. राकेश पासवान इस सीट पर बहुजन समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ सकते हैं. वहीं राजद से पूर्व सांसद कामेश्वर बैठा, धनंजय पासवान जैसे सरीके नेताओं के नाम प्रमुखता से शामिल हैं. कामेश्वर बैठा पूर्व में भी पलामू संसदीय सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. तो वहीं कांग्रेस राजद से सीट शिफ्ट कर संजय लाल पासवान को चुनावी मैदान में उतारने की तैयारी में है. वर्तमान समय में संजय लाल पासवान राज्य सरकार में अवास बोर्ड के अध्यक्ष हैं.
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