
Ranchi. मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य का हर नौजवान अपने पैरों पर खड़ा हो, इसी लक्ष्य के साथ झारखंड सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं की मेहनत, संघर्ष और विश्वास ही राज्य के विकास की सबसे बड़ी ताकत है। मुख्यमंत्री यह बातें मोरहाबादी मैदान, रांची में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में कहीं, जहाँ जेएसएससी द्वारा आयोजित झारखंड सामान्य स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा–2023 (सीजीएल) के माध्यम से चयनित 1910 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।
मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि जिस कठिन परिश्रम और संघर्ष से उन्होंने यह सफलता हासिल की है, उसी निष्ठा, लगन, ईमानदारी और सेवा भावना के साथ राज्य और जनता के लिए कार्य करें। उन्होंने कहा कि अब आप सरकार के अंग बन चुके हैं और आपकी कार्यशैली से सरकार की छवि बनती है। आपकी कार्यशैली से ही राज्य की दशा और दिशा तय होगी।
सीजीएल परीक्षा को लेकर आई चुनौतियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया के दौरान कई बार व्यवधान उत्पन्न हुए, लेकिन सरकार और जेएसएससी ने पूरी पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ परीक्षा का सफल आयोजन किया। उन्होंने कहा कि कुछ संगठित गिरोहों ने साजिश रचने का प्रयास किया, लेकिन सरकार ने न्यायालय से लेकर हर स्तर पर तथ्यों को स्पष्ट रूप से रखा। इसी का परिणाम है कि आज योग्य अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र मिल सका।
मुख्यमंत्री ने सख्त शब्दों में कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी व्यक्ति या गिरोह नौजवानों के भविष्य से खिलवाड़ करेगा, उसे जेल भेजा जाएगा। सरकार ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ नियुक्ति परीक्षाएं आयोजित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
नवनियुक्त अभ्यर्थियों से मुख्यमंत्री ने अपील की कि वे अपने आसपास के युवाओं को भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि जब हर युवा काबिल बनेगा और अपने पैरों पर खड़ा होगा, तब राज्य भी मजबूत बनेगा। सरकार युवाओं के भविष्य को संवारने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में नियुक्तियों का सिलसिला निरंतर जारी है। वर्ष 2019 से अब तक लाखों युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। राज्य गठन के बाद पहली बार कृषि पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई, नियमित रूप से मेडिकल ऑफिसरों की बहाली हुई, शिक्षकों की नियुक्तियां की गईं तथा सरकारी अस्पतालों को एएनएम और जीएनएम उपलब्ध कराए गए। उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष में ही 10 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं और आगे भी यह प्रक्रिया जारी रहेगी।
सरकारी कर्मियों की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने विभिन्न बैंकों के साथ एमओयू किया है, जिसके तहत दुर्घटना की स्थिति में एक करोड़ रुपये तक की आर्थिक सहायता सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह सुविधा स्थायी और अनुबंध कर्मियों दोनों को मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार गरीब, किसान, मजदूर, आदिवासी, दलित, महिला और युवाओं सहित समाज के हर वर्ग को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि समय हर किसी का बदलता है, इसलिए समाज में एक-दूसरे का सम्मान जरूरी है। मंईया सम्मान योजना सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से महिलाएं और जरूरतमंद वर्ग आत्मनिर्भर बन रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान नवनियुक्त अभ्यर्थियों ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने पारदर्शी परीक्षा आयोजन और नियुक्ति पत्र मिलने पर खुशी जताते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में मंत्री राधा कृष्ण किशोर, दीपक बिरुवा, संजय प्रसाद यादव, शिल्पी नेहा तिर्की, राज्यसभा सांसद महुआ माजी, विधायक कल्पना सोरेन, सबिता महतो, राजेश कच्छप, सुखराम उरांव, सुरेश कुमार बैठा, जीगा सुशारण होरो, संजीव सरदार सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।




