
Ranchi: झारखंड में संसाधनों के हिसाब से देखें तो कोरोना अब भयावह रूप ले रहा है. कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ रही है. रांची में ही प्रतिदिन 50 से अधिक मरीज आ रहे हैं. बेड की तुलना में संक्रमित मरीजों की संख्या अधिक हो चुकी है. पर अब भी अगर आप आरटीपीसीआर मशीन से रिम्स में जांच कराना चाहेंगे तो आपको एडमिट होना पड़ेगा. बिना एडमिट हुए आपकी कोरोना जांच नहीं की जायेगी. पर, कई मरीज ऐसे हैं जिनमें संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है पर उन्हें एडमिट होने के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है. 24 घंटे बीत जाने के बाद भी मरीजों को अस्पताल नहीं ले जाया जा रहा है. रांची में हालात अब ऐसे हो चुके हैं कि गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों को भी बेड मुहैया नहीं हो पा रहा है.
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कोकर के एक परिवार को 50 घंटे से अधिक करना पड़ा इंतजार, कांके के संक्रमित फोन करते रह गये
रांची में पिछले एक सप्ताह तक लगातार अधिक संख्या में मरीज मिल रहे हैं. कोकर में एक ही परिवार के नौ लोग संक्रमित हो गये थे. एक सदस्य पहले ही पॉजिटिव हुए जिसे एडमिट कर लिया गया. वहीं अन्य सदस्य तीसरे दिन पॉजिटिव मिले जिन्हें एडमिट होने के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा. वे लगातार कॉल करते रहे. परिवार की एक महिला की तबीयत बिगड़ने भी लगी तब एडमिट किया गया. साथ ही कांके के एक संक्रमित लगातार परेशान रहे. उन्हें 24 घंटे के बाद अस्पताल में एडमिट किया गया.
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एडमिट होने की शर्त के कारण कई लोग नहीं करा रहे जांच
रिम्स के ट्रॉमा सेंटर में हर दिन बड़ी संख्या में लोग जांच कराने पहुंच रहे हैं. स्क्रीनिंग कराने के बाद अगर लोगों को सैंपल देने के लिए बोला जाता है तो वे एडमिट नहीं होने के डर से जांच नहीं कराते हैं. दूसरे राज्यों से घूम कर वापस आने पर भी प्राइवेट और सरकारी संस्थान जांच करा कर आने बोल रहे हैं. पर जांच के लिए एडमिट होने के डर से कई लोग जांच नहीं करा रहे हैं. वहीं ट्रूनेट मशीन से जांच के लिए एडमिट नहीं होना पड़ रहा. इसलिए सदर अस्पताल में जांच के लिए लंबी लाइन लग रही है.
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