
Ranchi : झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) बीते सात माह से स्थायी अध्यक्ष का इंतजार कर रहा है. अब तक प्रभारी अध्यक्ष के भरोसे काम हो रहा है. जेएसएससी की ओर से कई विभागों के लिए 25 हजार से अधिक नियुक्ति के आवेदन निकाले जाने थे. यह काम अब तक नहीं हो पाया है.
गौरतलब है कि जनवरी में रतन कुमार के इस्तीफा देने के बाद सरकार की ओर से स्थायी अध्यक्ष की नियुक्ति नहीं की गयी है. जनवरी में अध्यक्ष का पद रिक्त होने के बाद एक माह तक पद खाली रहा. इसके बाद पंचायती राज सचिव प्रशांत कुमार को आयोग का प्रभारी अध्यक्ष बनाया गया है. जेएसएससी में सेक्रेटरी के अलावा एक सदस्य का पद होता है. आयोग के सदस्य के रूप में सुरेंद्र कुमार हैं. ये भी रिटायर आइएएस अधिकारी हैं.
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21092 पदों पर नियुक्तियां हैं अटकी
गौरतलब है कि जेएसएससी की ओर से पिछले तीन साल से हाइस्कूल शिक्षक नियुक्ति और पंचायत सचिव सहित अन्य पदों पर नियुक्ति की जा रही है. जेएसएससी अब तक इस नियुक्ति प्रक्रिया को पूरा नहीं कर पाया है. जेएसएससी की ओर से 18584 हाइस्कूल शिक्षक, 1539 पंचायत सचिव, 1245 एलडीसी और 24 स्टेनोग्राफर की नियुक्ति प्रक्रिया चलायी जा रही है, जो तीन साल से पूरा नहीं हो पाया है.
कानूनी पेंच में फंसी नयी नियुक्तियां
जेएसएससी के एक अधिकारी ने बताया कि जेएसएससी के पास सचिवालय सहायक, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी, अंचल निरीक्षक सह कानूनगो, सहकारिता प्रसार पदाधिकारी, प्लानिंग असिस्टेंट और प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी के 1260 पदों पर तत्काल नियुक्ति करने की जिम्मेदारी है. इन पदों पर नियुक्ति के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर छोड़ दिया गया है. इसके अलावा ऊर्जा विभाग आदि के लिए भी नियुक्तियां करनी हैं. जेएसएससी को विज्ञापन भी जारी करना है. पर कानूनी अड़चन के नाम पर नियुक्तियों की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है. अधिकारी ने बताया कि स्थायी अध्यक्ष का न होना भी विज्ञापन जारी न होने के पीछे का एक कारण है.
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सोनी कुमारी केस को लेकर रुकी हैं सभी नियुक्तियां
जेएसएससी की ओर से नियुक्तियां नहीं निकालने के पीछे आयोग का अपना तर्क है. जेएसएससी के मुताबिक, 18 सितंबर 2019 को हाइकोर्ट के डिविजन बेंच द्वारा डब्ल्यूपीसी 1387/2017 सोनी कुमारी बनाम झारखंड सरकार मामले में नियोजन नीति अधिसूचना संख्या 5938 के कार्यान्वयन पर रोक लगा दी गयी है.
इस केस का फैसला आने के बाद ही नियुक्ति की जायेगी. ज्ञात हो कि नियोजन नीति अधिसूचना संख्या 5938 के कार्यान्वयन में लगायी गयी रोक की वजह से नियुक्तियां हो नहीं पा रही हैं. नियोजन नीति के क्रियान्यवन पर रोक की वजह से पंचायत सचिवों और स्नातक प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो पा रही है.
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